UP Bijli Bill: इस भीषण गर्मी में यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को लगातार दूसरे महीने राहत मिलने जा रही है. जून में जिस बिल ने पसीने छुड़ाए थे, अब अगस्त में उसमें बड़ी कटौती देखने को मिलेगी.
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पावर कॉरपोरेशन और विद्युत नियामक आयोग के बीच हुई खींचतान का सीधा फायदा आम जनता की जेब को मिलने जा रहा है. अगस्त में करीब 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं के कुल पैसे बचने वाले हैं.
जून का झटका और आयोग का कड़ा रुख
कहानी की शुरुआत जून से होती है. जून में बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त ईंधन अधिभार शुल्क (फ्यूल सरचार्ज) थोप दिया था. पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने पुराने बकाए को भी इस अधिभार में जोड़कर जून और जुलाई के बिल से 1610 करोड़ रुपये वसूलने का पूरा प्लान बना लिया था.
फिर विद्युत नियामक आयोग ने इस पर सख्त रुख अपनाया और कॉरपोरेशन की चलाकी पर पानी फेर दिया. आयोग ने साफ कहा कि पुराने बकाए को सरचार्ज में जोड़ना बिल्कुल गलत है. अधिभार सिर्फ बिजली की वास्तविक खरीद लागत और ट्रांसमिशन शुल्क के आधार पर ही तय होगा. आयोग की इस डांट का ही नतीजा है कि उपभोक्ताओं को लगातार राहत मिल रही है.
जुलाई के बाद अब अगस्त में भी छूट
नियामक आयोग की सख्ती के बाद जुलाई में पहली बार उपभोक्ताओं को 4.43 प्रतिशत कम बिल देना पड़ा था. अब इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अगस्त के बिल में भी 2.92 प्रतिशत की कटौती की गई है.
अगर गणित के हिसाब से समझें, तो नियामक आयोग ने मई महीने के लिए बिजली खरीद की दर 4.94 रुपये प्रति यूनिट तय की थी, लेकिन वास्तव में पावर कॉरपोरेशन को यह बिजली 4.73 रुपये प्रति यूनिट ही पड़ी. लागत कम आने की वजह से जो फायदा हुआ, वही अब एफपीपीसीए के तहत सीधे उपभोक्ताओं को पास किया जा रहा है.
हर श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
पावर कॉरपोरेशन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. इसका लाभ राज्य के घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक समेत सभी श्रेणियों के लगभग 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं को मिलेगा. इस कटौती से पूरे प्रदेश के लोगों के कुल 221.14 करोड़ रुपये बचेंगे.
मामले पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि परिषद FPPCA की इस गणना में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी. उनका मकसद तय करना है कि नियम के मुताबिक मिलने वाला फायदा उपभोक्ताओं को समय पर और बिना किसी कटौती के मिलता रहे.
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