बिहार के सिवान जिले में नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी का मामला अब देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है. इस घटना में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले छात्र आकाश यादव से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना. फिलहाल पटना के मेदांता अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे आकाश यादव से बात करते हुए राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया 'घबराओ मत, हम और पूरा देश तुम्हारे साथ हैं.' इस बीच AK-47 से हवाई फायरिंग करने वाले आरोपी पुलिस जवान को पुलिस मुख्यालय ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
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25 जुलाई को क्या हुआ था सिवान में?
जानकारी के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 को बिहार के सिवान जिले में छात्र नीट पेपर लीक में हुई धांधली का विरोध करते हुए सड़कों पर उतरे थे. प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस की ओर से फायरिंग हुई. इसी दौरान वहां मौजूद रायबरेली के रहने वाले छात्र आकाश यादव के कंधे में गोली लग गई. गंभीर हालत में आकाश को पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां ऑपरेशन के बाद गोली निकाल ली गई है. लेकिन उनकी हालत अभी भी निगरानी में है.
राहुल गांधी ने फोन पर जाना हालचाल
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ अस्पताल में आकाश यादव से मिलने पहुंचे और उन्होंने सीधे राहुल गांधी से छात्र की फोन पर बात कराई.
राहुल गांधी: "कैसे हो भाई? कंधे में गोली लगी है, सीरियर तो नहीं है न?"
आकाश यादव: "गोली निकल गई है भैया, अभी हाथ काम नहीं कर रहा है. डॉक्टर ने एक महीने बाद फिर चेकअप के लिए बोला है."
राहुल गांधी: "घबराना बिल्कुल नहीं है. अगर कोई बात हो या मदद चाहिए हो तो बताना. छात्रों के अधिकारों की इस लड़ाई में सड़क से लेकर संसद तक हम तुम्हारे साथ खड़े हैं."
राहुल गांधी ने आकाश के बारे में भी पूछा जिस पर छात्र ने बताया कि उसकी मां का बचपन में ही निधन हो चुका है और वह परिवार में अकेला बेटा है. इससे पहले बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी फोन पर आकाश का हाल जाना था.
बिना आदेश AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही निलंबित
फायरिंग के दौरान एक पुलिस जवान का AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार से हवाई फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन ने सिपाही को निलंबित कर दिया है.
पुलिस अधिकारी का बयान
पुलिस ने बताया कि 'आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. सिपाही को भीड़ में फायरिंग करने या उस तरह के हथियार को पब्लिक के बीच ले जाने का कोई आदेश नहीं था.'
सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
छात्रों और विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा में हुई धांधली का जवाब देने के बजाय पुलिस ने लाठी और AK-47 की गोलियों से छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की. विपक्ष ने इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय और न्यायिक जांच की मांग की है. अस्पताल में भर्ती आकाश यादव अब केवल एक मरीज नहीं, बल्कि बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के आक्रोश का चेहरा बन चुके हैं. सवाल यह उठ रहा है कि क्या अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों को जवाब में एडमिट कार्ड की जगह गोलियां मिलेंगी?
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