भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री नानक राम भूर्जी की अचानक हुई मौत ने हर किसी को सन्न कर दिया था. पहले जिसे सुसाइड माना जा रहा था, अब उस मामले में हत्या का एंगल सामने आ रहा है.
ADVERTISEMENT
लखनऊ के दारुलशफा विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिरकर हुई इस मौत को लेकर परिजनों ने जो दावे किए हैं, उसने सोचने पर मजबूर कर दिया हैं. भूर्जी के बेटे ने साफ तौर पर कहा है कि ये कोई हादसा या खुदकुशी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया मर्डर है.
"कॉफी बनाने को कहा और फिर धक्का दे दिया..."
पूर्व मंत्री और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नानक राम भूर्जी की मौत के मामले में उनके बेटे उत्तम गुप्ता ने हजरतगंज पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है.
उत्तम गुप्ता ने अपनी शिकायत में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के विधायक हंसू राम के प्रतिनिधि आरिफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उत्तम का कहना है कि उनके पिता विधायक निवास पहुंचे थे और उन्होंने आरिफ से कॉफी बनाने को कहा. इसी दौरान आरिफ और उसके साथियों ने उनके पिता को घसीटा और इमारत की सातवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया.
भाई और रिश्तेदारों ने भी खड़े किए सवाल
सिर्फ बेटा ही नहीं, बल्कि नानक राम भूर्जी के पूरे परिवार को इस घटना पर गहरा शक है. उनके भाई और पूर्व विधायक अरुण गुप्ता ने घटना पर कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि भूर्जी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की जाए, ताकि साफ हो सके कि घटना से ठीक पहले वे किसके संपर्क में थे और किससे क्या बात हुई थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस का क्या कहना है?
घटना के तुरंत बाद भूर्जी को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह शॉक और हैमरेज (अत्यधिक खून बहना) बताई गई है, साथ ही शरीर पर कई फ्रैक्चर के निशान भी मिले हैं.
दूसरी तरफ, पुलिस का रुख अभी भी सतर्कता भरा है. मामले पर असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रजनीश वर्मा ने कहा,
"प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का ही लग रहा है. बेटे द्वारा दी गई शिकायत और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी."
ADVERTISEMENT











