कम बारिश के बावजूद UP में 95% खरीफ बुआई हुई पूरी, रबी के लिए ई-लॉटरी में मिलेंगे बीज

यूपी तक

• 01:49 PM • 30 Jul 2026

उत्तर प्रदेश में कम बारिश के बावजूद खरीफ बुआई 95 फीसदी लक्ष्य तक पहुंच गई है. सरकार ने रबी सीजन के लिए बीज वितरण, ई-लॉटरी, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की तैयारी तेज कर दी है.

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उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश के बावजूद इस साल खरीफ फसलों की बुआई अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गई है. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि साल 2026 में तय 110 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले करीब 107 लाख हेक्टेयर (लगभग 95%) में बुआई पूरी हो चुकी है. इसके साथ ही सरकार ने रबी सीजन की तैयारियों के लिए भी पोर्टल खोल दिया है जहां ई-लॉटरी प्रणाली के जरिए किसानों को पारदर्शी तरीके से प्रमाणित बीज और सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे.

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कम बारिश के बाद भी बुआई में बेहतरीन प्रदर्शन

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सुपर अल नीनो की आशंका और औसतन 25 प्रतिशत कम बारिश के बावजूद किसानों को समय पर बीज, खाद और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं.

1.सरकार ने 6.13 लाख से अधिक किसानों को मुफ्त मिनी किट बांटे. 

2.दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के बीजों को बढ़ावा देने के लिए 50% तक अनुदान दिया गया.

3.जिन जिलों में बारिश कम हुई है, वहां सितंबर में कम समय में तैयार होने वाली तोरिया फसल को बढ़ावा देने के लिए 1,000 कुंतल बीज बांटे जाएंगे.

रबी सीजन के लिए बीज और मिनी किट की तैयारी

कृषि मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि रबी सीजन में भी खाद-बीज की कोई किल्लत नहीं होने दी जाएगी.

1.बीज वितरण के लिए 10 जुलाई से ही पोर्टल खोल दिया गया है.

2.सितंबर के पहले हफ्ते में ई-लॉटरी के जरिए किसानों का पारदर्शी चयन किया जाएगा.

3.इस साल 7.66 लाख किसानों को दलहन और तिलहन के लगभग 36,475 कुंतल मुफ्त मिनी किट वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है.

25,900 कृषि यंत्रों पर मिलेगी भारी सब्सिडी

किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण देने के लिए 20 जुलाई से कृषि यंत्र अनुदान योजना का पोर्टल खोला गया है.

1.10 अगस्त को ई-लॉटरी के जरिए 25,900 कृषि यंत्रों के लिए किसानों का चयन होगा.

2.'फार्म मशीनरी बैंक' पर किसानों को 80 प्रतिशत और 'कस्टम हायरिंग सेंटर' पर 40 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा.

'प्रदेश में खाद का पर्याप्त भंडार, घबराने की जरूरत नहीं'

वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के किसी भी ब्लॉक में उर्वरकों (यूरिया, डीएपी, एनपीके) की कोई कमी नहीं है. अब 1500 की जगह करीब 7,000 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद पहुंचाई जा रही है. 28 जुलाई तक 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया जिसमें से आधा वितरित हो चुका है और आधा अभी भी स्टॉक में सुरक्षित है.

पिछली सपा सरकार पर कृषि मंत्री का हमला

पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि 2015-16 में जहां सपा सरकार में केवल 84.98 लाख मीट्रिक टन खाद बंटी थी. वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 118 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. यानी वर्तमान सरकार किसानों को 34 लाख मीट्रिक टन अधिक खाद उपलब्ध करा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे योजनाओं का लाभ उठाने के लिए समय पर सरकारी पोर्टल पर अपना पंजीकरण जरूर कराएं.

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