उत्तर प्रदेश में अब 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की साधारण बसों में सफर के लिए किराया नहीं देना होगा. योगी सरकार ने 'लोकमाता अहिल्या बाई मातृ शक्ति यात्रा योजना' के तहत नई सुविधा 28 अगस्त से लागू कर दी है.
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अगर कोई पात्र महिला मेरठ से लखनऊ, कानपुर से प्रयागराज या यूपी के किसी दूसरे शहर के बीच रोडवेज की साधारण बस से सफर करती है तो उसे टिकट के लिए पैसे नहीं देने होंगे. सुविधा उत्तर प्रदेश की मूल निवासी 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मिलेगी.
कैसे मिलेगा फ्री यात्रा का टिकट?
मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को अपनी उम्र और पहचान का प्रमाण दिखाना होगा. इसके लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी मान्य होगी. परिचालक पहचान पत्र का सत्यापन करने के बाद ईटीआईएम (ETIM) मशीन से शून्य मूल्य टिकट जारी करेगा.
इस टिकट पर बस नंबर, यात्रा शुरू करने की जगह और गंतव्य की जानकारी दर्ज होगी. सफर के दौरान महिला यात्री के पास सामान्य टिकट की तरह यात्रा का रिकॉर्ड भी रहेगा.
सिर्फ साधारण बसों में मिलेगी सुविधा
योजना में एक जरूरी शर्त भी है. फ्री यात्रा की सुविधा अभी सिर्फ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की साधारण यानी ऑर्डिनरी बसों में मिलेगी. एसी, जनरथ या दूसरी श्रेणी की बसों में छूट लागू नहीं होगी.
यूपी रोडवेज की बसें दिल्ली, उत्तराखंड और कुछ दूसरे राज्यों तक भी जाती हैं. ऐसे में अगर कोई पात्र महिला यूपीएसआरटीसी की साधारण बस से दूसरे राज्य की यात्रा करती है तो उसे भी योजना का लाभ मिलेगा. हालांकि दूसरे राज्यों की बसों में यह सुविधा नहीं होगी.
सरकार रोडवेज को देगी मुफ्त सफर का पैसा
महिलाओं से किराया नहीं लिया जाएगा, लेकिन इस यात्रा का खर्च परिवहन निगम को उठाना नहीं पड़ेगा. योजना के तहत निगम हर महीने मुफ्त यात्रा का आंकड़ा तैयार करेगा. इसके बाद सत्यापित आंकड़े शासन को भेजे जाएंगे.
सत्यापन के बाद सरकार मुफ्त यात्राओं के एवज में देय प्रतिपूर्ति की राशि सीधे परिवहन निगम को जारी करेगी. इससे योजना का खर्च सरकार और परिवहन निगम के बीच तय व्यवस्था के तहत पूरा होगा.
अभी स्मार्ट कार्ड जरूरी नहीं
सरकार ने योजना में आगे स्मार्ट कार्ड जारी करने का भी प्रावधान रखा है. हालांकि फिलहाल 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए स्मार्ट कार्ड बनवाना अनिवार्य नहीं है. स्मार्ट कार्ड को लेकर बाद में अलग से विस्तृत आदेश जारी किए जाएंगे.
आने वाले समय में महिलाओं को स्मार्ट कार्ड के लिए नजदीकी बस डिपो या बस अड्डे पर आवेदन करना पड़ सकता है. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी प्रस्तावित है. निर्धारित शुल्क के बाद जारी होने वाला स्मार्ट कार्ड पांच साल तक वैध रहने का प्रावधान है.
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