अखिलेश यादव ने 2027 के चुनाव से पहले कुशवाहों से किया ये बड़ा वादा, क्या अब पूर्वांचल में ये समाज सपा का साथ देगा?

रजत सिंह

11 Sep 2026 (अपडेटेड: 11 Sep 2026, 01:05 PM)

UP Kushwaha Vote Bank: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों 'कुशवाहा, मौर्य, सैनी और शाक्य' समाज के वोट बैंक को लेकर जबरदस्त खींचतान चल रहा है. अखिलेश यादव ने आने वाले चुनाव में इसी वोट बैंक को साधने के लिए कहा है कि उनकी सरकार बनती है तो यूपी में सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक छुट्टी की जाएगी. इसके साथ ही कुशवाहा समाज से कई बड़े वादे भी किए हैं.

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UP Kushwaha Vote Bank: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों 'कुशवाहा, मौर्य, सैनी और शाक्य' समाज के वोट बैंक को लेकर जबरदस्त खींचतान चल रही है. समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी इस वोट बैंक को लगातार अपने पाले में करने की कोशिश कर रही हैं. जाती साधने की इसी राजनीति में अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव की भी एंट्री हो गई है. उन्होंने कुशवाहा समाज को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने यूपी की सियासत को फिर से गरमा दिया है.

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने 'कुशवाहा' समाज के प्रबुद्ध लोगों को बुलाया था. इस दौरान उन्होंने मजाकिया लहजे में पत्रकारों की चुटकी लेते हुए कहा है कि 'आज आप लोग सवाल मत पूछिए, सामने बैठे इन बुद्धिजीवी लोगों को ही सवाल करने दीजिए.' अखिलेश के इस बयान के बाद बीजेपी और स्वामी प्रसाद मौर्य ने उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया है. अखिलेश यादव के विरोधियों का कहना है कि वह इस समाज के महान महापुरुषों और लोगों को मूर्ख समझते हैं. 

विरोधियों ने अखिलेश पर साधा निशाना

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, 'जिस गौरवशाली समाज में तथागत बुद्ध, सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य, चक्रवर्ती सम्राट अशोक, ज्योतिबा राव फुले और सावित्रीबाई फुले जैसी महान विभूतियां पैदा हुईं हैं, आज अखिलेश यादव जी उन्हें मूर्ख और नासमझ समझते हैं.' इसके अलावा, यूपी बीजेपी और उसके ओबीसी मोर्चे ने भी इस वीडियो को शेयर कर अखिलेश की मानसिकता पर सवाल उठाया है.

अखिलेश ने किए बड़े वादे

अखिलेश यादव को उनके विरोधी भले ही बुरी भला बोल रहे हों, लेकिन उन्होंने कुशवाहा समाज को लुभाने के लिए कई बड़े वादे भी किए हैं. उन्होंने ऐलान किया है कि अगर सपा की सरकार बनती है, तो सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक छुट्टी की जाएगी. इसके साथ ही, लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा का भव्य स्मारक भी बनवाया जाएगा, जिन्होंने अपना पूरा जीवन शोषितों और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ने में लगा दिया है.

यूपी में कुशवाहा वोटर का दबदबा

उत्तर प्रदेश में यादव और कुर्मी के बाद कुशवाहा (मौर्य, शाक्य, सैनी) समाज ओबीसी वर्ग का तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है. अनुमानों के मुताबिक, यूपी में इनकी आबादी 8 से 9 प्रतिशत के करीब है. बुंदेलखंड (बांदा, झांसी, हमीरपुर) और पूर्वांचल (कुशीनगर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर) के करीब 15 जिलों में इनका खासा प्रभाव दिखने को मिलता है. अकेले कुशीनगर में लगभग 13% कुशवाहा वोटर हैं, जो हार-जीत तय करते हैं.

वोट बैंक के लिए सपा-बीजेपी में टक्कर

यह समाज 2014 से 2022 तक केशव प्रसाद मौर्य के प्रभाव में पूरी तरह से बीजेपी के साथ रहा है. 2022 के विधानसभा चुनाव में भी 12 में से 11 कुशवाहा विधायक बीजेपी से ही जीते थे. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बाजी पलट गई. सपा ने इस समाज के 3 नेताओं (बाबू सिंह कुशवाहा, देवेश शाक्य और नीरज मौर्य) को सांसद बना दिया. अब बसपा से भी कुशवाहा नेता छिटक चुके हैं, इसलिए मुख्य लड़ाई केवल सपा और बीजेपी के बीच सिमट गई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों में यह अहम वोट बैंक किस तरफ अपना रुख करता है.

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