'1 मिनट में मुकदमा करा दूंगा...' आगरा में असली पुलिसकर्मियों को रौब दिखाने लगा फर्जी इंस्पेक्टर, एक सवाल पर खुली पोल

अरविंद शर्मा

• 03:53 PM • 10 Sep 2026

आगरा के ईदगाह चौराहे पर खुद को एंटी करप्शन विभाग का इंस्पेक्टर बताकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से 10 हजार रुपये मांगने वाला युवक पुलिस के सवालों में फंस गया. बैच नंबर और तैनाती की जानकारी पूछे जाने पर उसके जवाब बदलने लगे.

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तस्वीर प्रतीकात्मक है.

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आगरा के ईदगाह चौराहे पर एक युवक ने खुद को एंटी करप्शन विभाग का इंस्पेक्टर बताकर असली ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर ही रौब जमाने की कोशिश की. उसने पुलिसवालों को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और बदले में 10 हजार रुपये की मांग कर दी.

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युवक को शायद लगा था कि अधिकारी का नाम सुनते ही पुलिसकर्मी डर जाएंगे, लेकिन उसकी बातचीत और हावभाव ने ही उसका भेद खोल दिया. पुलिसकर्मियों ने जब उससे बैच और तैनाती के बारे में सवाल किए तो उसके जवाब बदलने लगे. इसके बाद जो सच सामने आया, उसने पूरे मामले को पलट दिया.

खुद को बताया एंटी करप्शन इंस्पेक्टर

घटना बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है. ईदगाह चौराहे पर यातायात उप निरीक्षक पीयूष सिंह के साथ आरक्षी कुलदीप और राजीव ड्यूटी पर थे. इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और अपना नाम संजय कुमार राय बताते हुए खुद को एंटी करप्शन विभाग का इंस्पेक्टर बताया.

युवक ने पुलिसकर्मियों पर रौब गांठना शुरू कर दिया. उसने कहा कि वह घूसखोरों को पकड़ने वाली टीम का हिस्सा है और चाहे तो एक मिनट में मुकदमा दर्ज करवा सकता है.

इसके बाद उसने पुलिसकर्मियों से 10 हजार रुपये मांगे. साथ ही शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई कराने की धमकी भी दी. मामला यहीं खत्म हो जाता तो शायद युवक अपनी चाल में कामयाब हो जाता, लेकिन पुलिसकर्मियों को उसकी बातों पर शक हो चुका था.

बैच और तैनाती पूछी तो घबरा गया

यातायात उप निरीक्षक पीयूष सिंह ने युवक से एंटी करप्शन विभाग का बैच नंबर और तैनाती स्थल पूछ लिया. सवाल सुनते ही युवक घबरा गया. वह अपनी कही हुई बातों को बदलने लगा. पीयूष सिंह को शक और गहरा हो गया. इसके बाद उन्होंने सीधे एंटी करप्शन विभाग से संपर्क किया और संजय राय नाम के इंस्पेक्टर के बारे में जानकारी मांगी.

विभाग से ऐसे किसी इंस्पेक्टर के तैनात नहीं होने की पुष्टि हुई तो पूरा खेल सामने आ गया. जिस युवक ने खुद को एंटी करप्शन इंस्पेक्टर बताकर पुलिसवालों को डराने की कोशिश की थी, वह असल में फर्जी अधिकारी बनकर वसूली करने पहुंचा था.

नोएडा में सेल्समैन है आरोपी

पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान संजय राय के रूप में हुई है. वह वाराणसी के मड़ुवाडीह थाना क्षेत्र के भुल्लनपुर गांव का रहने वाला है. पुलिस ने बताया कि आरोपी नोएडा की एक मार्केटिंग कंपनी में सेल्समैन है. वह आगरा घूमने आया था. उसके पास रुपये खत्म होने के बाद कथित तौर पर उसने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से वसूली करने की योजना बनाई.

खेल उल्टा पड़ गया. जिस पुलिस को डराकर पैसे लेने का प्लान बनाया था, उसी पुलिस की सूझबूझ से उसकी पोल खुल गई. आरोपी को पकड़कर शाहगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.

एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी ने खुद को एंटी करप्शन विभाग का इंस्पेक्टर बताकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से 10 हजार रुपये की मांग की थी. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.