UP Weather: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश और आसमानी आफत के बाद क्या 10 सितंबर को राहत मिलने वाली है या बादलों का यह पहरा यूं ही बरकरार रहेगा? भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, 10 सितंबर को प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर थमने जा रहा है. मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने से आम जनता और किसानों को जलजमाव की समस्या से राहत मिलेगी. हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की-फुल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं.
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किन-किन जिलों में बारिश का अलर्ट है?
मौसम विभाग के अनुसार, 10 सितंबर को उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले के लिए भारी या बहुत भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. मौसम विभाग ने 10 सितंबर के लिए पूरे प्रदेश को 'हरा कोड' दिया है. इसका मतलब है कि मौसम सामान्य रहेगा और किसी भी जिले में आपातकालीन स्थिति या रेड/ऑरेंज/येलो अलर्ट जैसी कोई चेतावनी नहीं है.
पूर्वी और पश्चिमी यूपी का मौसम मिजाज
भले ही कोई भारी बारिश की चेतावनी न हो लेकिन मानसून पूरी तरह विदा नहीं हुआ है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 10 सितंबर को पूर्वी यूपी के कुछ जिले जैसे लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोंडा, बस्ती, संत कबीर नगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी, बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. वहीं पश्चिमी यूपी के जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ या आंशिक रूप से बादलों वाला रहेगा. हालांकि कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं.
किसानों और आम जनता के लिए राहत
मूसलाधार बारिश रुकने से आम जनजीवन पटरी पर लौटता दिखेगा. भारी बारिश और जलभराव के खतरे से राहत मिलने के कारण किसानों को भी अपने खेतों (धान, गन्ना, मक्का आदि) से अतिरिक्त पानी निकालने और फसलों की देखरेख करने का बेहतर अवसर मिलेगा. कुल मिलाकर 10 सितंबर का दिन यूपीवासियों के लिए राहत भरा रहने वाला है.
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