कौशांबी महिला थाने में अचानक चली गोली, ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल प्रियंका यादव की हो गई मौत, कैसे हुआ ये सब?
कौशांबी के महिला थाने में ड्यूटी पर तैनात 26 वर्षीय कांस्टेबल प्रियंका यादव की सरकारी इंसास राइफल से गोली लगने से मौत हो गई. पुलिस हादसे, मिसफायरिंग या अन्य कारणों की हर एंगल से जांच कर रही है. फॉरेंसिक टीम भी जांच में जुटी है.
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उत्तर प्रदेश के कौशांबी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. मंझनपुर महिला थाने में ड्यूटी पर तैनात 26 साल की महिला कांस्टेबल प्रियंका यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई. गाजीपुर की रहने वाली प्रियंका के पास सरकारी इंसास राइफल मौजूद थी जिससे अचानक चली गोली ने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया है. क्या यह महज राइफल मिसफायरिंग का दर्दनाक हादसा है, किसी अंदरूनी तनाव का नतीजा या फिर इसके पीछे कोई और गहरा राज छिपा है? इस खौफनाक सवाल का जवाब तलाशने के लिए कौशांबी पुलिस के आला अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और सर्विलांस विंग जांच में जुट गए हैं.
अचानक गूंजी गोली की आवाज और मच गई अफरा-तफरी
घटना सोमवार सुबह की है. मंझनपुर महिला थाना परिसर में हमेशा की तरह चहल-पहल थी और प्रियंका यादव अपनी पहरे की ड्यूटी संभाल रही थीं. इसी दौरान अचानक एक जोरदार धमाके के साथ गोली चलने की आवाज से पूरा थाना दहल उठा. आवाज सुनते ही साथी पुलिसकर्मी बदहवास होकर मौके की तरफ भागे जहां प्रियंका खून से लथपथ हालत में पड़ी मिलीं. उन्हें तुरंत आनन-फानन में कौशांबी जिला अस्पताल ले जाया गया. लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
गाजीपुर की प्रियंका 2025 बैच में हुई थीं भर्ती
मृतक महिला सिपाही प्रियंका यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली थीं. वह 2025 बैच की होनहार सिपाही थीं और मंझनपुर महिला थाने में अपनी सेवाएं दे रही थीं. घटना के वक्त उनके पास ड्यूटी के लिए अलॉट की गई सरकारी इंसास राइफल थी. प्रियंका की अचानक हुई मौत की खबर मिलते ही उनके सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई. वहीं गाजीपुर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कौशांबी के पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत, अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह और सीओ मंझनपुर भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीम ने घटनास्थल का बारीक मुआयना कर फिंगरप्रिंट्स और बैलिस्टिक साक्ष्य इकट्ठा किए. इसके साथ ही पुलिस ने प्रियंका का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है और थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.
हर एंगल से होगी पड़ताल
मामले का सच सामने लाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सीओ मंझनपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है. पुलिस हर उस पहलू को खंगाल रही है कि क्या यह राइफल की गलती से हुई मिसफायरिंग है, कोई हादसा है या फिर किसी तनाव के चलते प्रियंका ने यह आत्मघाती कदम उठाया. पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों की मौजूदगी में पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड्स और गवाहों के बयानों के आधार पर जल्द ही पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी.
