UP New Six Lane Highway: उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक और बड़े सड़क प्रोजेक्ट की तैयारी शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में रायबरेली के लालगंज से बाराबंकी तक करीब 120 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन हाईवे प्रस्तावित है. इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है.
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प्रस्तावित हाईवे लालगंज, महाराजगंज और हैदरगढ़ होते हुए बाराबंकी तक जाएगा. नया कॉरिडोर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे, लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे समेत करीब 50 छोटी-बड़ी सड़कों से जुड़ेगी. इससे आसपास के करीब 500 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
लालगंज से बाराबंकी तक ऐसा होगा रूट
- लालगंज से महाराजगंज: करीब 50 किलोमीटर
- महाराजगंज से हैदरगढ़: करीब 30 किलोमीटर
- हैदरगढ़ से बाराबंकी: करीब 40 किलोमीटर
हैदरगढ़ से आगे मार्ग प्रसिद्ध शिवधाम श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर के पास से होते हुए कोठी और फिर बाराबंकी तक जाएगा.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और कई हाईवे से जुड़ेगा
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी बताई जा रही है. हैदरगढ़ में मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे से जुड़ेगा. इसके बाद बाराबंकी में इसे लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे से जोड़ने की योजना है.
इसके अलावा लालगंज, महाराजगंज, हैदरगढ़ और बाराबंकी क्षेत्र की करीब 50 छोटी-बड़ी सड़कें भी इस प्रस्तावित सिक्स लेन से जुड़ेंगी. इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
अधिशासी अभियंता अजीत सोनकर के मुताबिक, परियोजना का सर्वे किया गया है. बड़े प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी लागत करीब 1000 करोड़ रुपये आने का अनुमान है. हालांकि, अभी शासन से बजट की मंजूरी का इंतजार है.
500 गांवों को मिलेगा फायदा
प्रस्तावित सिक्स लेन में कोठी से बाराबंकी तक बांदा-बहराइच मार्ग का हिस्सा भी शामिल है. इसके अलावा आसपास की कई सड़कों को इससे जोड़ा जाएगा. हाईवे के बनने से लालगंज, महाराजगंज, हैदरगढ़ और बाराबंकी के आसपास के करीब 500 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. बेहतर सड़क मिलने से लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी और प्रमुख एक्सप्रेसवे व राष्ट्रीय राजमार्गों तक पहुंच आसान हो सकती है.
हैदरगढ़ में बाईपास का भी प्रस्ताव
हैदरगढ़ कस्बे में वाहनों का दबाव कम करने के लिए बाईपास बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है. इसका मकसद यातायात को कस्बे के बाहर निकालना है, ताकि स्थानीय बाजार और आबादी वाले हिस्सों में वाहनों का दबाव कम किया जा सके.
वहीं, बाराबंकी से नई सड़क तक करीब 37 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है. ऐसे में अभी सिक्स लेन हाईवे से जुड़ी पूरी योजना को अंतिम मंजूरी और बजट का इंतजार है.
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