UP Weather: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश की रफ्तार अब नया रुख अपनाने जा रही है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर से 17 सितंबर के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग देखने को मिलेगा. जहां एक तरफ पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां सुस्त पड़ सकती हैं.
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पूर्वी यूपी में मेहरबान रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी मैदानी अंचलों में मानसूनी बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. इस दौरान पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में कुछ दिनों तक तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश की उच्च संभावना जताई गई है.
पश्चिमी यूपी में घटेगी बारिश की रफ्तार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में 11 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी. इस दौरान पश्चिमी इलाकों में औसतन सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है. हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है.
कैसा रहेगा तापमान?
प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के आसपास रहने का अनुमान है. वहीं पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में यह बढ़कर 34°C से 36°C तक जा सकता है. रातों का न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से आंशिक रूप से अधिक यानी 24°C से 26°C के बीच बना रहेगा.
किन-किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
11 सितंबर के बाद मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र से जुड़े जिलों में मुख्य रूप से बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इनमें गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, आंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज और प्रतापगढ़ जैसे जिले शामिल हैं.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पूर्वी जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और धान व दलहनी फसलों में कीटों के प्रकोप पर निगरानी बनाए रखें.
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