परिवार की बेटी को मिलेंगे ₹36200! इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना में पढ़ाई के लिए सरकार दे रही पैसा

आयशा शेख़

• 08:49 PM • 10 Sep 2026

UGC की पोस्ट ग्रेजुएट इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति परिवार की इकलौती बेटी और PG के पहले साल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए आर्थिक मदद का मौका देती है. पात्र छात्राओं को दो साल तक हर साल 36,200 रुपये यानी कुल 72,400 रुपये मिल सकते हैं.

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Single Girl Child Scholarship: परिवार की इकलौती बेटी हैं और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं तो आपके लिए UGC की 'स्नातकोत्तर इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति'  योजना बड़े काम आ सकती है. इस स्कॉलरशिप के तहत पात्र छात्राओं को PG कोर्स की पूरी अवधि के दौरान हर साल ₹36,200 की आर्थिक मदद दी जाती है.

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इस योजना का फायदा उन छात्राओं को मिलता है, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या पोस्टग्रेजुएट कॉलेज में रेगुलर फुल-टाइम मास्टर डिग्री के पहले साल में दाखिला लिया है. हर साल 3,000 नई स्कॉलरशिप दी जाती हैं और राशि DBT के जरिए सालाना खाते में भेजी जाती है.

स्कॉलरशिप के लिए सिर्फ परिवार की इकलौती बेटी होना ही काफी नहीं है. उम्र, कोर्स, संस्थान और पढ़ाई के तरीके से जुड़ी कुछ शर्तें भी हैं. ऐसे में आवेदन करने से पहले पूरी पात्रता जानना जरूरी है.

कितनी मिलेगी स्कॉलरशिप?

पोस्ट ग्रेजुएट इंदिरा गांधी स्कॉलरशिप के तहत छात्रा को ₹36,200 प्रति वर्ष मिलते हैं.  राशि PG कोर्स की दो साल की पूरी अवधि के लिए दी जाती है. हर साल 3,000 नई छात्राओं को स्कॉलरशिप देने का प्रावधान है. स्कॉलरशिप की राशि DBT मोड के जरिए सालाना दी जाएगी. हालांकि हॉस्टल फीस, मेडिकल खर्च या दूसरे ऐसे खर्चों के लिए कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जाएगी.

कौन कर सकता है आवेदन?

स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाली छात्रा भारत की नागरिक होनी चाहिए और परिवार की इकलौती बेटी होनी चाहिए. जिन छात्राओं का कोई भाई नहीं है, वे आवेदन कर सकती हैं. इसके अलावा ट्विन बेटियां या फ्रेटरनल बेटियां भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं. एक और जरूरी शर्त उम्र की है. PG के पहले साल में एडमिशन के समय छात्रा की उम्र 30 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

पढ़ाई को लेकर भी है शर्त

छात्रा का दाखिला किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में रेगुलर और फुल-टाइम मास्टर डिग्री के पहले वर्ष में होना चाहिए. स्कॉलरशिप नॉन-प्रोफेशनल कोर्स कर रही छात्राओं के लिए है और रेगुलर क्लास में पढ़ाई करना जरूरी है. डिस्टेंस एजुकेशन मोड से PG करने वाली छात्राएं योजना के लिए पात्र नहीं हैं. स्कॉलरशिप सिर्फ PG-I ईयर के छात्रों के लिए उपलब्ध है.

किन छात्राओं को नहीं मिलेगा लाभ?

अगर परिवार में एक बेटा और एक बेटी है तो बेटी को इस योजना के तहत सिंगल गर्ल चाइल्ड नहीं माना जाएगा. इसके अलावा ऐसे डीम्ड विश्वविद्यालय, जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार से फंड नहीं मिलता, योजना के तहत पात्र संस्थान नहीं माने गए हैं. आवेदन से पहले देखना जरूरी है कि आपका कोर्स, संस्थान और पारिवारिक स्थिति योजना की सभी शर्तों को पूरा करती है या नहीं.

ऐसे करें आवेदन

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है. आवेदन शुरू होने पर छात्राओं को National Scholarship Portal (NSP)   के जरिए आवेदन करना होगा. सबसे पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर मोबाइल नंबर और OTP के जरिए वेरिफिकेशन करना होगा. 

इसके बाद, जरूरत के अनुसार e-KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होगी और OTR नंबर जनरेट होगा. OTR मिलने के बाद NSP पर लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरना होगा. जरूरी जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म को पहले ड्राफ्ट के रूप में सेव किया जा सकता है या फाइनल सब्मिट किया जा सकता है.

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

आवेदन के लिए छात्रा को आधार कार्ड, मान्यता प्राप्त मास्टर डिग्री कोर्स में एडमिशन का प्रमाण, ज्वॉइनिंग रिपोर्ट, सिंगल गर्ल चाइल्ड स्टेटस का शपत पात्र, बैंक पासबुक की कॉपी और जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट देनी होगी.

आवेदन हर साल National e-Scholarship Portal पर मांगे जाते हैं. UGC की वेबसाइट पर भी इसकी शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी की जाती है. अधूरे आवेदन खारिज किए जा सकते हैं और स्कॉलरशिप के लिए केवल वेरिफाइड ऑनलाइन आवेदन ही माना जाएगा.