यूपी में इन 681 सड़कों के सबसे पहले गड्ढे भरवाएगी सरकार, सीएम योगी ने अधिकारियों को दे दिए निर्देश

कुमार अभिषेक

• 04:43 PM • 11 Sep 2026

उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की मरम्मत को लेकर योगी सरकार ने काम तेज करने के निर्देश दिए हैं. त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाएगा, जबकि बारिश खत्म होने के बाद ज्यादा क्षतिग्रस्त सड़कों का स्थायी नवीनीकरण होगा.

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उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों को लेकर योगी सरकार ने काम तेज करने की तैयारी कर ली है. आने वाले त्योहारों को देखते हुए प्रदेश के 681 मार्गों को चिन्हित किया गया है. इन सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सड़कों की स्थिति जल्द सुधारने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जिन सड़कों को बारिश से नुकसान हुआ है, उन्हें पहले तत्काल आवागमन के लायक बनाया जाए, लेकिन कहानी सिर्फ गड्ढे भरने तक सीमित नहीं रहेगी.

त्योहारों से पहले 681 सड़कों पर खास नजर

प्रदेश में आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे कई बड़े त्योहार हैं. इन पर्वों पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और दूसरे स्थानों तक सफर करते हैं.

इसी को देखते हुए 681 ऐसे मार्ग चुने गए हैं, जहां त्योहारों से पहले मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा कराने पर जोर रहेगा. इन रास्तों पर लोगों और वाहनों की आवाजाही ज्यादा रहती है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों के दौरान खराब सड़कों की वजह से जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

बारिश खत्म होने का इंतजार नहीं, पहले तत्काल मरम्मत

अभी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी है. ऐसे में हर सड़क की स्थायी मरम्मत तुरंत करना संभव नहीं है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने सड़क सुधार के लिए दो स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं.

पहले खराब सड़क को तुरंत आवागमन के लायक बनाया जाएगा. जहां गड्ढे हैं या सड़क का हिस्सा टूट गया है, वहां जरूरी मरम्मत की जाएगी. इसके बाद बारिश का मौसम खत्म होने पर सड़क की स्थिति का दोबारा आकलन होगा. ज्यादा नुकसान वाली सड़कों का स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा.

सिर्फ बारिश से नहीं खराब हुईं सड़कें

समीक्षा में यह बात भी सामने आई कि प्रदेश की सभी खराब सड़कों की वजह बारिश और बाढ़ नहीं है. कई जगह एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे, रेलवे और दूसरी निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है.

भारी वाहनों के लगातार गुजरने से भी कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है. अब ऐसे रास्तों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे में जो सड़कें खराब मिलेंगी, उन्हें चिन्हित किया जाएगा और संबंधित विभाग के लिए गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय होगा.

9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा

बैठक में प्रदेश के नौ विभागों के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों के अनुसार इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं.

मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान में करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़क पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है. बाकी सड़कों पर काम जारी है. बारिश और दूसरे कारणों से खराब हुई नई सड़कों का सर्वे पूरा होने के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा.

30 हजार किमी सड़कों का होगा नवीनीकरण

सरकार का फोकस केवल गड्ढे भरने पर नहीं है. जिन सड़कों की हालत ज्यादा खराब है, वहां नवीनीकरण और विशेष मरम्मत भी कराई जाएगी.

बैठक में करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य बताया गया. इनमें अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर पर काम होने की जानकारी दी गई है. इसके अलावा करीब 5 हजार किलोमीटर सड़कों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य है. अब तक करीब 700 किलोमीटर पर विशेष मरम्मत पूरी होने की बात कही गई.

स्कूल और अस्पताल तक जाने वाली सड़कें पहले सुधरेंगी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुधार के लिए प्राथमिकता तय करते समय केवल सड़क की लंबाई को आधार न बनाया जाए. लोगों की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाए. स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, मुख्य बाजार, सरकारी कार्यालय और ज्यादा आवाजाही वाले स्थानों तक जाने वाली सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.