सपा प्रवक्ता मनोज यादव के अरेस्ट होने के पीछे की इनसाइड स्टोरी, पूरे बवाल की एक-एक वजह जानिए
Manoj Yadav SP Spokesperson Arrest: सपा प्रवक्ता मनोज यादव को बाराबंकी पुलिस ने उठाया! पहले गुमशुदगी की खबर, फिर SC/ST एक्ट में गिरफ्तारी. क्या ठाकुरों पर दिया बयान है असली वजह या जमीन का विवाद? देखिए पूरी रिपोर्ट.

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पहले मनोज यादव के लापता होने की खबर आई थी, लेकिन बाद में बाराबंकी पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि हुई.मनोज यादव के परिवार ने पहले गोमती नगर विस्तार थाने में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. वे एक तिलक समारोह में शामिल होने गए थे और वापस नहीं लौटे.
बाराबंकी पुलिस ने बताया कि कलावती नाम की एक महिला की शिकायत पर मनोज यादव को गिरफ्तार किया गया है. उन पर SC/ST एक्ट, गाली-गलौज और अन्य गंभीर धाराओं में 11 फरवरी को सफदरगंज थाने में मामला दर्ज किया गया था. बताया जा रहा है कि कलावती और मनोज यादव के बीच काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और 11 फरवरी को हुई किसी घटना के बाद यह FIR दर्ज कराई गई.
मनोज यादव हाल ही में एक टीवी डिबेट के दौरान ठाकुर समाज को लेकर दिए गए अपने एक बयान के कारण काफी विवादों में थे. सोशल मीडिया पर उनके उस बयान का कड़ा विरोध हुआ था. समाजवादी पार्टी के भीतर भी इस बयान को लेकर असहजता की खबरें थीं, लेकिन गिरफ्तारी के बाद पूरी पार्टी उनके समर्थन में उतर आई है.
समाजवादी पार्टी का हंगामा
सपा नेताओं (राजकुमार भाटी, अरविंद सिंह गोप आदि) का आरोप है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश है और पुलिस ने मनोज यादव को "अनैतिक रूप से गायब" किया था. पार्टी का कहना है कि सरकार प्रखर प्रवक्ताओं की आवाज दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है.
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कौन हैं मनोज यादव?
मनोज यादव बाराबंकी के ही रहने वाले हैं. उनके पिता मंडी समिति में कर्मचारी थे. मनोज ने राजनीति में अपनी जगह खुद बनाई और सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद तक पहुंचे. दिलचस्प बात यह है कि मनोज यादव की पत्नी स्वयं ठाकुर समाज से हैं, फिर भी ठाकुरों पर दिए उनके बयान ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया.










