मुख्तार के बेटे अब्बास का विधानसभा में इमोशनल भाषण, बोले- 4 साल में पहली बार मिला मौका, पता नहीं आगे...
UP News: यूपी विधानसभा में मऊ विधायक अब्बास अंसारी का भावुक संबोधन. 4 साल बाद बोलने का मौका मिलने पर बयां किया दर्द, मऊ की स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा.

ADVERTISEMENT
UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को उस समय एक भावुक और चौंकाने वाला मंजर देखने को मिला जब मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी सदन में बोलने के लिए खड़े हुए. मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान न केवल अपने क्षेत्र की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया बल्कि उनके एक बयान ने पूरे सदन को सन्न कर दिया. 4 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार विधानसभा में बोलने का मौका मिलने पर अब्बास अंसारी भावुक हो गए और भविष्य को लेकर अपनी अनिश्चितता भी जाहिर की.
'4 साल में पहली बार मौका मिला मेरी मजबूरी समझिए'
विधानसभा में चर्चा के दौरान जब अब्बास अंसारी को अपनी बात रखने के लिए 5 मिनट का समय दिया गया, तो उन्होंने मऊ की बुनियादी समस्याओं का जिक्र शुरू किया. इसी बीच जब बोलने की समय सीमा समाप्त होने पर घंटी बजी और सदन की अध्यक्षता कर रहे मनोज पांडे ने उन्हें अपनी बात खत्म करने का निर्देश दिया, तो अब्बास अंसारी ने हाथ जोड़कर कुछ और समय की मांग की.
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मुझे सर 4 साल में पहली बार बोलने का मौका मिला है. अपनी मजबूरी को समझिए और मेरा तो यह भी नहीं ठिकाना है कि कब तक बोलने का मौका मिलेगा, आप जानते हैं." अब्बास के इस बयान के बाद सदन में सन्नाटा पसर गया. इस पर चेयर से मनोज पांडे ने भी उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, "नहीं नहीं, आप बोलेंगे."
यह भी पढ़ें...
मऊ की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
अब्बास अंसारी ने अपने संबोधन में मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि मऊ सदर का जिला अस्पताल मात्र 70 बेड का है, जबकि वहां प्रतिदिन औसतन 200 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं.
उन्होंने कहा, 'चाहे शहर हो या देहात, अस्पतालों में डॉक्टरों और स्पेशलिस्ट की भारी कमी है. मऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर-बनारस मार्ग जैसे दो राष्ट्रीय मार्ग गुजरते हैं, लेकिन कोई ट्रॉमा सेंटर नहीं है. हादसे होने पर मरीजों को 100 किमी दूर लखनऊ या अन्य शहरों में ले जाना पड़ता है, जिससे रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो जाती है. बुनकर बहुल क्षेत्र होने के कारण मशीनों से होने वाली दुर्घटनाओं में तुरंत इलाज न मिलने से लोगों की जान जा रही है. सरकारी व्यवस्था ठीक न होने के कारण निजी अस्पताल मरीजों से मनमाना रेट वसूल रहे हैं.'
विधायकी पर तलवार और कानूनी उतार-चढ़ाव
अब्बास अंसारी का यह संबोधन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 2022 में सुभासपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद से वे लगातार कानूनी मुश्किलों में घिरे रहे. 2022 के हेट स्पीच मामले में 2 साल की सजा होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी. हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाए जाने के बाद उनकी सदस्यता बहाल हुई और वे फिर से सदन में सक्रिय हुए.
ये भी पढ़ें: मुख्तार अंसारी के शूटर रहे मोहम्मद शोएब उर्फ बॉबी की बाराबंकी में हत्या, 10 गोली मारकर किया गया छलनी










