लेटेस्ट न्यूज़

यूपी पंचायत चुनाव: AAP सांसद संजय सिंह के गांव टिकावर में प्रधानी के चुनाव को लेकर क्या है हाल?

Sanjay Singh Village Tikawar: राज्यसभा सांसद संजय सिंह के पैतृक गांव टिकावर (अमेठी) में लोग बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं. देखिए यूपी तक की ग्राउंड रिपोर्ट में ग्रामीणों का गुस्सा.

Video Thumbnail

ADVERTISEMENT

social share
google news

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के पैतृक गांव टिकावर (अमेठी) के लोग विकास की कमी को लेकर काफी गुस्से में हैं. यूपी तक की टीम ने जब गांव का दौरा किया, तो ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और आगामी पंचायत चुनाव को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले 5 सालों में एक पैसे का विकास नहीं हुआ है. सड़कें खराब हैं, नालियां नहीं बनी हैं और जल निकासी की बड़ी समस्या है. गांव में पीने के पानी के नल महीनों से खराब पड़े हैं और बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रधान या अधिकारी ध्यान नहीं देते.  

एक ग्रामीण ने बताया कि गांव में अभी तक बिजली की लाइन (LT) नहीं पहुंची है, जिससे कनेक्शन लेने में दिक्कत हो रही है. टिकावर संजय सिंह का पुश्तैनी गांव है, लेकिन लोगों का कहना है कि इतने बड़े नेता का गांव होने के बावजूद यहाँ कोई वीआईपी सुविधा नहीं है. ग्रामीणों का आरोप है कि संजय सिंह केवल वोट के समय दिखाई देते हैं. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि संजय सिंह विकास करना चाहते हैं, लेकिन उनके पिता (जो गांव में ही रहते हैं) कथित तौर पर विकास कार्यों में बाधा डालते हैं.

'टैलेंटेड' गांव लेकिन उपेक्षित

ग्रामीणों ने गर्व और दुख के साथ बताया कि इस छोटे से गांव ने देश को सांसद, वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और सेना के जवान दिए हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में यह सबसे पिछड़ा गांव है. गांव में बैठने के लिए सार्वजनिक स्थान पर चार कुर्सियां तक उपलब्ध नहीं हैं.  विकास न होने से नाराज कई ग्रामीणों ने आगामी पंचायत चुनाव में वोटिंग का बहिष्कार करने की बात कही है. उनका कहना है कि जो भी जीतता है, वह केवल अपनी जेब भरता है और गरीबों की कोई नहीं सुनता. 
 

यह भी पढ़ें...