गाजियाबाद में कूड़ा प्लांट के विरोध के दौरान पुलिस ने जिस लड़को को गिरा-गिरा मारा, उन चिराग त्यागी का दर्द जानिए
Chirag Tyagi Interview Ghaziabad: "मारना है तो मार लो, पर झुकेंगे नहीं!" गाजियाबाद के लोनी में पुलिस की बेरहमी का शिकार हुए चिराग त्यागी ने कैमरे पर सुनाई आपबीती. देखिए कूड़ा प्लांट के खिलाफ क्यों उबला है गांव.

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Chirag Tyagi Interview Ghaziabad: गाजियाबाद के मीरपुर हिंदू गांव में कूड़ा प्लांट (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट) के विरोध के दौरान पुलिस लाठीचार्ज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक को पुलिस खेतों में घेरकर पीटती नजर आ रही थी. यूपी Tak की टीम ने पीड़ित युवक चिराग त्यागी से बात की है. चिराग ने बताया कि वह गेहूं के खेत में गिर गया था, जिसके बाद पुलिस वालों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और लाठियां बरसानी शुरू कर दीं. पुलिस वालों ने उसे गालियां दीं और कहा कि तेरा धरना निकाल देंगे, या तो घर चला जा नहीं तो आज मार देंगे.
चिराग के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं. सिर बचाने के चक्कर में उसके हाथ में चोट लगी, पीठ नीली पड़ गई है और पैर के अंगूठे तक में नील पड़ा हुआ है. आपको बता दें कि चिराग एक छात्र है और MCA फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है. चिराग के अनुसार, यह प्लांट चार गांवों के बिल्कुल बीचों-बीच बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे इलाके में बीमारियां (कैंसर, चर्म रोग) फैलेंगी और जमीन की उर्वरता खत्म हो जाएगी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह प्लांट नियमों के खिलाफ है क्योंकि जिस जगह पर 100 साल के भीतर कभी भी बाढ़ आई हो, वहां सॉलिड वेस्ट प्लांट नहीं बन सकता, जबकि यहां 2 साल पहले ही बाढ़ आई थी.
पुलिस ने अपने बयान में "हल्का बल प्रयोग" करने की बात कही थी, लेकिन चिराग ने इसे पूरी तरह गलत बताया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा. चिराग ने बताया कि उसके पिता और माता भी प्रदर्शन में थे. उसके भाई ने अपने पिता को बचाने के लिए पुलिस वाले की लाठी तक छीन ली थी. चिराग ने साफ कहा कि पिटाई के बाद भी किसान और ग्रामीण झुकने वाले नहीं हैं. अगर प्रशासन ने काम नहीं रोका, तो आने वाले दिनों में और भी भारी मात्रा में धरना प्रदर्शन किया जाएगा.
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