उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की सियासत में आए दिन नए रंग देखने को मिलते हैं. लेकिन इस बार मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिसने सबको चौंका दिया है. हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त जमानत मिलने के बाद अपने इलाके में टहल रहे अब्बास अंसारी बीते दिनों अचानक समाजवादी पार्टी के दफ्तर पहुंच गए.जब उनसे आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल पूछा गया कि क्या वे इस बार 'साइकिल' के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने हंसते हुए कह दिया 'आजकल तो कॉकरोच जनता पार्टी की बड़ी चर्चा चल रही है. अगर उसका कोई सिंबल मिल गया तो उसी से चुनाव लड़ लिया जाएगा यार.' सोशल मीडिया की इस वर्चुअल पार्टी का नाम अब यूपी के एक सिटिंग विधायक की जुबान पर आने के बाद सूबे का सियासी तापमान बढ़ गया है'
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अब्बास बोले- '2027 अभी दूर है, सिंबल मिला तो CJP से ही लड़ लेंगे'
दरअसल मऊ में विधायक निधि से बनी एक सड़क के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जब संवाददाताओं ने सुभासपा के टिकट पर चुनाव जीते अब्बास अंसारी से उनकी अगली राजनैतिक रणनीति और समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि 'अभी तो फिलहाल 2027 बहुत दूर है. अभी मेरी कार्ययोजना यही है कि किसी भी हाल में अपनी विधायक निधि से जनता के छोटे-मोटे विकास कार्यों को पूरा करा सकूं. रही बात चुनाव की तो आजकल इंटरनेट पर कॉकरोच पार्टी का बड़ा क्रेज चल रहा है. अगर उसे चुनाव चिन्ह मिल गया, तो उसी से लड़ लेंगे. बाकी समाजवादी पार्टी मुझे उम्मीदवार बनाएगी या नहीं इस पर उत्तर देने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं, यह सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ही बता सकते हैं."
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' जिसने Instagram पर मचाई है तबाही?
अब्बास अंसारी जिस कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जिक्र कर रहे हैं वह चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड कोई वास्तविक राजनैतिक दल नहीं है बल्कि इंस्टाग्राम पर उपजा एक बेहद लोकप्रिय डिजिटल मूवमेंट है. बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़े और विदेश में रह रहे भारतीय युवा अभिजीत दीपके द्वारा शुरू किए गए इस पेज के फॉलोअर्स की संख्या ने कुछ ही दिनों में बीजेपी को भी पीछे छोड़ दिया है.
यह पूरा मूवमेंट सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कुछ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स और बेरोजगारों की तुलना 'कॉकरोच' से की थी. इस डिजिटल पार्टी ने युवाओं के बीच 5 बड़े और गंभीर वादे किए हैं जिनमें जजों और अफसरों को रिटायरमेंट के बाद सरकारी पद न देना, दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल का बैन लगाना, और महिलाओं को संसद व कैबिनेट में 50% सीधा आरक्षण देना शामिल है. इस मूवमेंट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर "बीजेपी बनाम सीजेपी" (BJP vs CJP) की पोस्ट शेयर की थी.
चाची से बातचीत का वीडियो हुआ वायरल, क्या सपा में होगी अंसारी परिवार की सीधी एंट्री?
सपा कार्यालय पहुंचने के बाद अब्बास अंसारी का एक घरेलू और मजेदार वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वे अपने क्षेत्र की एक बुजुर्ग चाची से बतियाते नजर आ रहे हैं जहां चाची उन्हें प्यार से डांटते हुए कहती हैं कि तुम्हारा गला खराब है फिर भी लस्सी पी रहे हो. वीडियो में चाची अपनी जमीनी दिक्कतों और मेदांता अस्पताल में चल रहे इलाज का जिक्र करती हैं, जिस पर अब्बास बड़े ही आत्मीय ढंग से उनकी मदद की बात करते नजर आते हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद यह कयास और तेज हो गए हैं कि क्या अब्बास अब पूरी तरह समाजवादी पार्टी के रंग में रंग चुके हैं?
सुभासपा का सिंबल, सपा का कोटा: क्या है अंसारी परिवार का इतिहास?
अंसारी परिवार और समाजवादी पार्टी का रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा है. साल 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शिवपाल सिंह यादव ने अंसारी परिवार की पार्टी 'कौमी एकता दल' का सपा में विलय कराया था. लेकिन तब अखिलेश यादव की नाराजगी के बाद यह गठबंधन टूट गया था. उस समय अखिलेश यादव ने बाहुबली छवि वाले नेताओं से दूरी बना ली थी.
लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले समीकरण बदले. अंसारी परिवार की सपा में वापसी हुई.अफजाल अंसारी खुद गाजीपुर से सपा के टिकट पर सांसद बने और उनके गढ़ की मोहम्मदाबाद सीट से मन्नू अंसारी सपा के विधायक हैं. मऊ सदर सीट से अब्बास अंसारी ने भले ही ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा (SBSP) के 'छड़ी' सिंबल पर चुनाव जीता था. लेकिन राजभर हमेशा यही कहते रहे कि वह हमारे नहीं बल्कि सपा के कोटे के विधायक हैं जिन्हें सिर्फ सिंबल हमारा दिया गया था.
अब देखने वाली बात यह होगी कि साल 2027 के सियासी दंगल में अखिलेश यादव मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी को सीधे अपनी साइकिल पर सवार करते हैं या फिर अब्बास अंसारी का यह 'कॉकरोच जनता पार्टी' वाला राजनैतिक तंज परदे के पीछे किसी नए समीकरण की ओर इशारा कर रहा है.
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