समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी अभी ब्राह्मण समाज पर की गई अपनी एक कथित टिप्पणी के भंवर से पूरी तरह बाहर भी नहीं निकले थे कि वे एक नए विवाद में फंस गए हैं. इस बार राजकुमार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने जाट और गुर्जर समाज की पारिवारिक व्यवस्था को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला बयान दिया है. इस बयान के सामने आते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में तूफान खड़ा हो गया है. जहां जाट और गुर्जर समाज के लोगों में सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखा जा रहा है. वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे समाजवादी पार्टी की कुत्सित मानसिकता बताते हुए अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर ले लिया है.
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क्या है राजकुमार भाटी का वो बयान, जिसपर मचा है बवाल?
दरअसल, 14 मई को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा किसान नेता चौधरी चरण सिंह और महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस मंच पर राकेश टिकैत और दीपेंद्र हुड्डा जैसे दिग्गज मौजूद थे. इसी मंच से पश्चिमी यूपी के बड़े सपा नेता राजकुमार भाटी ने संबोधित करते हुए कहा, 'एक आदमी की कई-कई पत्नियां हों, ये तो राम-कृष्ण, राजा-महाराजाओं और जमींदारों में होता था. लेकिन एक पत्नी के कई-कई पति हों, यह जाट-गुर्जरों में होता है.' भाटी के इसी बयान का एक हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसके बाद बवाल मच गया.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का तीखा हमला
इस बयान को लपकते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राजकुमार भाटी और समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया.उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "समाज का ऐसा कोई भी वर्ग नहीं बचा जिसे सपा नेता राजकुमार भाटी ने अपनी भाषा से अपमानित न किया हो. कभी ब्राह्मण समाज को निशाना बनाना, कभी महिलाओं को अपमानित करना तो कभी जाट और गुर्जर समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना... क्या यही सपा का समावेशी विकास है?'इसके साथ ही मायावती ने भी इस तरह के बयानों को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा है.
विवाद पर राजकुमार भाटी की सफाई
जब इस पूरे बवाल को लेकर राजकुमार भाटी से सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने बयान का पूरा संदर्भ समझाते हुए सफाई दी. भाटी ने कहा, "यह कार्यक्रम जाट महासभा का था, जिसमें 75% जाट और 25% गुर्जर समाज के लोग थे. मैं प्रसंग यह बता रहा था कि महाभारत काल से ही जाट और गुर्जर एक साथ रहते आ रहे हैं. चूंकि द्रौपदी के पांच पति थे, इसलिए मैंने उदाहरण दिया कि आज से 50 वर्ष पहले तक लगभग हर गांव में जाट और गुर्जरों में ऐसे एकाध परिवार मिल जाते थे जहां कई भाइयों की एक ही पत्नी होती थी.' भाटी ने आगे कहा कि वे तो ऐतिहासिक तथ्यों के जरिए यह जोड़ना चाह रहे थे कि यादव, गुर्जर और जाट समाज का संबंध महाभारत काल से है और ये सब पहले एक ही जाति थे, जो बाद में अलग हुए.
"ओबीसी होने के कारण मुझे बनाया जा रहा निशाना"
स्वयं गुर्जर समाज से आने वाले राजकुमार भाटी ने आरोप लगाया कि चूंकि वे पिछड़े वर्ग (OBC) से आते हैं और समाजवादी पार्टी के मुखर प्रवक्ता हैं इसलिए विरोधी उनसे चिढ़े हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि दादरी में समाजवादी पार्टी की हुई भव्य रैली की सफलता से बीजेपी घबरा गई है, इसीलिए उनके पुराने और नए बयानों की छोटी-छोटी क्लिप्स काटकर जानबूझकर गलत नरेटिव फैलाया जा रहा है और उनकी चरित्र हत्या की साजिश हो रही है.
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