UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश सरकार आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है. इस विस्तार के जरिए भाजपा नेतृत्व ने सामाजिक समीकरणों को साधने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पकड़ मजबूत करने का बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है.
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6 नए चेहरों की एंट्री और प्रमोशन की तैयारी
- यूपी विधानसभा की 403 सदस्य संख्या के हिसाब से अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. वर्तमान में मंत्रिमंडल में 54 सदस्य हैं, ऐसे में 6 नए मंत्रियों की नियुक्ति तय मानी जा रही है.
- जातीय समीकरण: संभावित लिस्ट में ब्राह्मण, जाट, पासवान, वाल्मिकी, लोधी और विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों को जगह दी जा सकती है.
- प्रमोशन: चर्चा है कि कुछ पुराने मंत्रियों को उनके बेहतर प्रदर्शन का इनाम देते हुए कैबिनेट रैंक पर प्रमोट भी किया जा सकता है.
अखिलेश यादव का हमला: 'महिला आरक्षण' पर घेरा
- मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है.
- आरक्षण की मांग: अखिलेश ने मांग की है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं को उचित आरक्षण मिलना चाहिए.
- बागी नेताओं पर निशाना: उन्होंने सत्ता पक्ष के साथ-साथ अपनी पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं पर भी तंज कसा. अखिलेश के इस रुख ने साफ कर दिया है कि विपक्षी खेमा इस विस्तार को केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं बल्कि चुनावी पैंतरा मान रहा है.
2027 का रोडमैप और रणनीतिक बढ़त
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विस्तार के जरिए भाजपा ने विपक्ष की चुनौतियों का जवाब देने की तैयारी की है. विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास' का संदेश देने के साथ-साथ असंतोष को भी थामना चाहती है. राजभवन में होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं.
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