हवाई जहाज में महुआ मोइत्रा से बदसलूकी? महिला सांसद के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, बोला तीखा हमला

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने फ्लाइट में 'चोर-चोर' के नारों और उत्पीड़न का वीडियो शेयर किया. अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी की पुरुषवादी सोच का नतीजा बताया.

यूपी तक

• 05:30 PM • 08 May 2026

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बंगाल चुनाव के परिणामों के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच जारी जुबानी जंग अब फ्लाइट तक पहुंच गई है. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इंडिगो की फ्लाइट में अपने साथ हुए दुर्व्यवहार का एक वीडियो साझा किया है, जिस पर अखिलेश यादव ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए बीजेपी को घेरा है.

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फ्लाइट में क्या हुआ? महुआ मोइत्रा का आरोप

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि जब वह सरकारी काम से दिल्ली जा रही थीं, तो इंडिगो की फ्लाइट (6E 719) में उनके साथ बदसलूकी हुई. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग 'जय श्री राम' और 'टीएमसी चोर-चोर' के नारे लगा रहे हैं. सांसद का आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें घूरा, उनका वीडियो बनाया और लैंडिंग के समय उनके पास आकर बदतमीजी की. उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री और इंडिगो से इन यात्रियों को 'नो फ्लाई लिस्ट' में डालने की मांग की है.

अखिलेश यादव का पलटवार- 'भाजपा राज में हवाई जहाज भी असुरक्षित'

महुआ मोइत्रा ने इस पोस्ट में अखिलेश यादव को टैग किया, जिसके बाद अखिलेश ने भाजपा की सोच पर कड़ा प्रहार किया:

  • महिला विरोधी सोच: अखिलेश ने कहा कि भाजपा के राज में बस और ट्रेन तो पहले ही असुरक्षित थे, अब महिला सांसदों के लिए हवाई जहाज भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं.
  • पुरुषवादी मानसिकता: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की पुरुषवादी सोच नारी का अपमान करके ही संतुष्ट होती है. भाजपाइयों को उनके घर की महिलाओं को समझाना चाहिए कि अगर उनकी बहन-बेटियों के साथ ऐसा हो तो कैसा लगेगा.

ममता बनर्जी के साथ मारपीट का मुद्दा भी गरमाया

अखिलेश यादव ने केवल महुआ ही नहीं, बल्कि ममता बनर्जी के साथ हुई कथित बदसलूकी का मुद्दा भी उठाया है. 4 मई को काउंटिंग के दौरान भवानीपुर में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें लातों से मारा गया. अखिलेश यादव ने इसे नारी सम्मान की बात करने वाली बीजेपी का 'असली चाल-चरित्र और चेहरा' करार दिया है.

सियासी मायने: अखिलेश का बैक-टू-बैक प्रहार

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पीएम मोदी और बीजेपी नेताओं ने जिस 'नारी शक्ति' के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरने की कोशिश की थी, अब अखिलेश इन घटनाओं के जरिए बीजेपी पर पलटवार कर रहे हैं. ममता बनर्जी से कोलकाता में मुलाकात और फिर उनके सांसदों के लिए आवाज उठाना यह साफ करता है कि अखिलेश इस वक्त टीएमसी के सबसे संकटमोचक मित्र की भूमिका में हैं.