Yogi Adityanath on Ravi Kishan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन को मिली मानद डॉक्टरेट उपाधि पर चुटकी ली. भोपाल की एलएनटी (LNCT) यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हुई इस बातचीत ने न केवल माहौल को खुशनुमा बना दिया, बल्कि शिक्षा के महत्व पर एक सार्थक संदेश भी दिया.
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'डॉक्टर तो बन गए, पर नौकरी नहीं मिलेगी'
मुख्यमंत्री ने रवि किशन की उपाधि पर मजाकिया टिप्पणी करते हुए कहा:
नाम के आगे प्रोफेसर नहीं: योगी आदित्यनाथ ने हंसते हुए कहा कि चूंकि यह एक 'मानद' उपाधि है, इसलिए रवि किशन अपने नाम के आगे प्रोफेसर नहीं लिख सकते.
- नौकरी का कोई चांस नहीं: सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस डिग्री से रवि किशन को कहीं नौकरी नहीं मिल सकती.
- गले में टांगने की सलाह: उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि रवि किशन इस उपाधि को प्रेम से अपने गले में टांग जरूर सकते हैं.
शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा
हंसी-मजाक के बाद सीएम योगी ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर अपने विचार साझा किए:
- सुधरते हालात: उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है और अब पहले जैसे हालात नहीं रहे.
- बेहतर परिणाम: अब छात्रों को पढ़ाई में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं और उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में शिक्षा का स्तर सुधरा है.
- दृष्टिबाधित बच्चों की सराहना: सीएम ने उन दृष्टिबाधित बच्चों की विशेष प्रशंसा की जो ब्रेल लिपि (ब्रेन लिपि) के माध्यम से बेहतरीन संवाद कर रहे थे.
संवाद और गौरव का संदेश
इस पूरी बातचीत ने न केवल मुख्यमंत्री और सांसद के बीच के मधुर संबंधों को दिखाया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि सम्मान और शिक्षा की सही समझ होना क्यों जरूरी है:
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