UP Cabinet Expansion News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर 'मंत्री' पद को लेकर अटकलें तेज हैं. इस बार केंद्र में हैं चायल से विधायक पूजा पाल, जिनकी भाजपा सरकार में एंट्री की संभावनाएं प्रबल मानी जा रही हैं.
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सपा से बगावत और भाजपा का साथ
पूजा पाल का हालिया राजनीतिक सफर काफी चर्चा में रहा है:
- राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग: पूजा पाल ने राज्यसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के निर्देशों के विपरीत जाकर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था.
- सपा से निष्कासन: इस बगावत के बाद उन्हें समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की सराहना की थी और सपा पर गंभीर आरोप लगाए थे.
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: वे बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजू पाल की पत्नी हैं और वर्तमान में चायल सीट से विधायक हैं.
क्या है भाजपा का 'पाल' दांव?
पूजा पाल को मंत्री बनाने के पीछे भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति नजर आ रही है:
- ओबीसी समीकरण: पूजा पाल को मंत्रिमंडल में शामिल करने से पूर्वांचल के पाल (गड़ेरिया) समुदाय में भाजपा की पकड़ और मजबूत हो सकती है.
- जातीय संतुलन: आगामी चुनावों से पहले भाजपा अपने ओबीसी आधार को और अधिक विस्तार देने की कोशिश में है.
- मनोज पांडे का रुख: 'मंत्री पद की चाह नहीं'
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडे का नाम भी सुर्खियों में है, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया काफी अलग रही:
- राम भक्ति का हवाला: मनोज पांडे ने स्पष्ट किया कि उनकी रुचि किसी मंत्री पद में नहीं है.
- सेवा का लक्ष्य: उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य भगवान राम के चरणों में सेवा करना है.
अंतिम फैसले पर टिकी निगाहें
हालांकि पूजा पाल के नाम पर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन पार्टी के भीतर अभी इस पर पूरी तरह सर्वसम्मति बनना बाकी है. अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होना है. फिलहाल, जनता और राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या पूजा पाल को वास्तव में लाल बत्ती नसीब होगी या समीकरण कुछ और मोड़ लेंगे.
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