राजकुमार भाटी के बयान पर मायावती का तीखा हमला, बोलीं-'सपा ब्राह्मण विरोधी अखिलेश मांगे माफी'

Rajkumar Bhati Controversy: राजकुमार भाटी के ब्राह्मणों पर विवादित बयान से सियासी हलचल मची है. मायावती ने ब्राह्मणों के सम्मान के लिए सपा से माफी और कार्रवाई की मांग की है. यह मामला चुनावी राजनीति में अहम हो सकता है.

यूपी तक

15 May 2026 (अपडेटेड: 15 May 2026, 01:45 PM)

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UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश में विधान सभा 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ती नजर आ रही है.चर्चाओं में रहने के लिए राजनैतिक दल बयानबाजी करते नजर आ रहे हैं. ऐसा ही मामला कुछ दिन पहले देखने को मिला था. सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मणों पर अभद्र टिप्पणी की थी. उनके बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने निशाना साधा है.

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मायावती ने अखिलेश पर कसा तंज

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने तंज कसते हुए कहा अखिलेश यादव को तुरंत माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस केस के बाद भी सपा नेतृत्व की चुप्पी उनके जातिवादी चरित्र को दर्शाती है. मायावती ने दावा किया कि बसपा में सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहता है. बता दें कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई विवादित टिप्पणी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा. अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. मायावती ने कहा कि सपा प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई अभद्र टिप्पणी से भारी आक्रोश है. उन्होंने आरोप लगाया कि संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस गंभीर मुद्दे पर खामोशी स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना रही है.

अखिलेश को मांगनी चाहिए माफी

बसपा सुप्रीमो ने 'एक्स' पर लिखा- समाजवादी पार्टी  के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाजी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निंदा स्वाभाविक ही है.
इस विवाद के बाद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किये जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. लेकिन संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर खामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है. स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है. वैसे भी सपा प्रवक्ता के गैर-जिम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुंची है उसको गंभीरता से लेते हुये सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से छमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये तो यह संभवतः उचित होगा.

बोली- नही बदला जातिवादी चाल व चरित्र 

उन्होंने आगें लिखा कि इस प्रकरण से लोगों की नजर में यह भी साबित है कि सपा का खासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है बल्कि और ज्यादा गहरा ही हुआ है साथ ही, ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो जबरदस्त नाराजगी इस समाज में देखने को मिल रही है, वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है. जबकि यह सर्वविदित है कि बसपा द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है. अर्थात बसपा में यूज एंड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है.

(इस खबर को यूपी Tak के साथ इंटर्नशिप कर रहे आशुतोष पाण्डेय ने संपादित किया है.)