क्या सपा के लिए दूसरे 'स्वामी प्रसाद मौर्य' साबित होंगे राजकुमार भाटी? एक विवादित बयान से पार्टी में मची रार!

UP Political News: यूपी तक के शो 'आज का यूपी' में आज देखिए राजकुमार भाटी के ब्राह्मण विरोधी बयान पर सपा में मचा घमासान. साथ ही प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का सच और अखिलेश यादव-साक्षी महाराज की मुलाकात के सियासी मायने.

यूपी तक

• 01:28 PM • 14 May 2026

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में पल-पल बदलते घटनाक्रमों के बीच यूपी तक का खास शो 'आज का यूपी' राज्य की तीन सबसे बड़ी खबरों का विश्लेषण लेकर हाजिर है. पहली बड़ी खबर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के उस विवादित बयान पर है जिसने पार्टी के भीतर ही ब्राह्मण बनाम पिछड़ा का संग्राम छेड़ दिया है. दूसरी खबर, प्रतीक यादव के निधन के बाद सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उनके घर पर उमड़े दिग्गजों के हुजूम से जुड़ी है. वहीं, तीसरी खबर में विश्लेषण होगा उस अप्रत्याशित तस्वीर का, जिसमें अखिलेश यादव और भाजपा सांसद साक्षी महाराज एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए, जिसने सियासी हलकों में नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं.

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राजकुमार भाटी का विवादित बयान: क्या सपा में पैदा हो रहा है नया 'स्वामी प्रसाद मौर्य'?

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता राजकुमार भाटी के एक पुराने दोहे के संदर्भ ने पार्टी के भीतर गहरा संकट पैदा कर दिया है. भाटी ने एक कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज को लेकर जिस अमर्यादित लोकोक्ति का जिक्र किया, उसने सपा के भीतर मौजूद ब्राह्मण चेहरों को आक्रोशित कर दिया है.

  • भीतर से विरोध: पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण नेता संतोष पांडे और पवन पांडे ने भाटी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे 'मानसिक संतुलन' खोने वाला बयान बताया है. उन्होंने इसकी तुलना स्वामी प्रसाद मौर्य की कार्यशैली से की है.
  • बचाव और माफी: हालांकि, भाटी ने हाथ जोड़कर बिना शर्त माफी मांगी है, लेकिन पार्टी प्रवक्ता अमीक जमई उनके समर्थन में खड़े दिखे, जिससे सपा स्पष्ट रूप से दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है.

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट: धमनियों में 'थक्का' बना मौत का कारण

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से काफी हद तक सुलझ गई है.

  • मेडिकल रिपोर्ट: शुरुआती जांच के अनुसार, उनकी मृत्यु रक्त की धमनियों में थक्का जमने (Thrombosis) की वजह से हुई है. रिपोर्ट में कुछ पुरानी चोटों (Ante-mortem injuries) का भी जिक्र है, जिन्हें डॉक्टरों ने वर्तमान घटना से असंबद्ध बताया है.
  • विसरा सुरक्षित: किसी भी संदेह को दूर करने के लिए डॉक्टरों ने विसरा और हार्ट के हिस्सों को प्रिजर्व किया है ताकि भविष्य में विस्तृत जांच की जा सके.

अखिलेश यादव और साक्षी महाराज की मुलाकात: गम के माहौल में सियासी संदेश

प्रतीक यादव के आवास पर संवेदना व्यक्त करने पहुंचे भाजपा सांसद साक्षी महाराज और अखिलेश यादव की मुलाकात आज सबसे ज्यादा चर्चा में रही.

  • गले मिले नेता: अखिलेश यादव ने खुद आगे बढ़कर साक्षी महाराज को गले लगाया.
  • सियासी मायने: साक्षी महाराज लोधी बिरादरी के बड़े नेता माने जाते हैं. 2024 के चुनाव में लोधी बाहुल्य सीटों पर सपा की जीत और साक्षी महाराज के हालिया ओबीसी केंद्रित बयानों के बीच, अखिलेश के इस 'जेस्चर' को एक बड़ी राजनीतिक मैसेजिंग के रूप में देखा जा रहा है.

इस दुखद घड़ी में अपर्णा यादव के घर पर शिवपाल यादव, डिंपल यादव और भाजपा-सपा के तमाम नेताओं की मौजूदगी ने परिवार की एकजुटता की तस्वीर भी पेश की.