Prateek Yadav Death: फिटनेस को बनाया जुनून, सियासत से बनाई दूरी... 38 साल की उम्र में थमा 'साधारण' दिखने वाले 'असाधारण' प्रतीक का सफर

यूपी तक

• 12:17 PM • 14 May 2026

Prateek Yadav Death: मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में निधन. ब्रिटेन से पढ़ाई और लखनऊ में जिम कल्चर को लोकप्रिय बनाने वाले प्रतीक के जीवन के अनकहे पहलुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट.

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Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन महज 38 साल की उम्र में हो गया. उत्तर प्रदेश के सबसे कद्दावर राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद प्रतीक ने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी. वे राजनीति के गलियारों के बजाय जिम के अखाड़े और फिटनेस की दुनिया में ज्यादा सक्रिय रहे.

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बचपन का मोटापा और फिटनेस किंग बनने का सफर

प्रतीक यादव की फिटनेस यात्रा किसी प्रेरणा से कम नहीं थी.

  • बचपन का संघर्ष: बताया जाता है कि बचपन में प्रतीक का वजन थोड़ा ज्यादा था और वे काफी गोल-मटोल थे. लेकिन उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति से खुद को बदला.
  • विदेशी शिक्षा और ट्रेनिंग: प्रतीक ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की. वहां पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपनी फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग की ट्रेनिंग को भी जारी रखा और खुद को एक 'फिटनेस फ्रीक' के रूप में ढाला.

लखनऊ में लाए 'आधुनिक जिम कल्चर'

यूके से पढ़ाई पूरी कर लखनऊ लौटने के बाद प्रतीक ने राजनीति में उतरने के बजाय युवाओं को स्वस्थ बनाने का बीड़ा उठाया.

  • अत्याधुनिक जिम: उन्होंने लखनऊ में एक वर्ल्ड क्लास सुविधाओं वाला जिम शुरू किया, जिसने शहर के युवाओं में फिटनेस को लेकर एक नया क्रेज पैदा किया.
  • सादगी और व्यवहार: रसूखदार परिवार से होने के बावजूद प्रतीक अपनी सादगी और विनम्र व्यवहार के लिए जाने जाते थे. वे हमेशा विवादों से दूर रहे और सियासत में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.

निजी जीवन: अपर्णा से शादी और पारिवारिक दुख

प्रतीक यादव और अपर्णा यादव का रिश्ता एक पारिवारिक कार्यक्रम से शुरू हुआ था, जो साल 2011 में शादी के बंधन में बंधा. जहाँ अपर्णा ने राजनीति में अपनी अलग जगह बनाई, वहीं प्रतीक पर्दे के पीछे रहकर अपने कारोबार पर ध्यान देते रहे.

  • भावुक क्षण और डिप्रेशन: पिछले कुछ सालों में कोरोना महामारी और परिवार के बड़े सदस्यों (विशेषकर माता साधना गुप्ता और पिता मुलायम सिंह) के निधन ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था.
  • ससुर का दर्द: प्रतीक के ससुर (अरविंद कुमार बिष्ट) ने उनके निधन पर एक बेहद भावुक पोस्ट लिखी है, जो प्रतीक की विनम्रता और उनके जाने से उपजे गहरे सदमे को बयां करती है.

प्रतीक यादव की कहानी एक ऐसे युवा की है जिसने अपनी मेहनत से खुद को बदला और दूसरों के लिए प्रेरणा बना. वे भले ही एक बड़े राजनीतिक परिवार के हिस्से थे, लेकिन उन्होंने अपना जीवन अपनी शर्तों और सादगी के साथ जिया.