Santosh Goyal Viral Video: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से वायरल हो रहे 80 वर्षीय संतोष गोयल एक बार फिर चर्चा में हैं. अपनी फर्राटेदार अंग्रेजी और खुद को पूर्व NDA (नेशनल डिफेंस एकेडमी) शिक्षक बताने वाले संतोष गोयल का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है. पहले उनके वायरल वीडियो के बाद सेना के उनके पास पहुंचने और जांच करने की खबरें सामने आई थीं, वहीं अब एक नए वीडियो में उनके आर्मी जांच और पेंशन प्रक्रिया को लेकर किए गए दावों ने फिर से सुर्खियां बटोरी हैं.
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सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुए संतोष गोयल
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब आगरा में रहने वाले संतोष गोयल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस वीडियो में वे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते नजर आए. बताया गया कि उन्होंने 1971 में अंग्रेजी विषय में पीएचडी की थी और वह पुणे स्थित National Defence Academy (NDA) में शिक्षक रह चुके हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि वे आर्मी एजुकेशन कोर में पढ़ाते थे और सेकंड लेफ्टिनेंट से लेकर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों तक को शिक्षा देते थे.
जीवन और संघर्ष को लेकर उनके दावे
संतोष गोयल के अनुसार, NDA में लगभग तीन साल सेवा देने के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई, जिसके कारण उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया गया. उनका कहना है कि यदि उनकी सेवा 15 साल तक पूरी होती तो उन्हें लगभग ₹80,000 प्रतिमाह पेंशन मिलती. वीडियो में उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में वह आगरा में एक मंदिर के पास रहते हैं और बच्चों को अंग्रेजी साहित्य जैसे हेमलेट, मैकबेथ, मर्चेंट ऑफ वेनिस आदि पढ़ाते हैं.
सेना की जांच और अस्पताल में भर्ती की बात
वायरल वीडियो के बाद दावा किया गया कि सेना के जवान उनके बारे में जानकारी लेने पहुंचे और उन्हें कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी जांच की गई. इसके बाद सोशल मीडिया पर यह भी कहा जाने लगा कि उनकी स्थिति और दावों की सत्यता की जांच की जा रही है.
नया वीडियो और पेंशन प्रक्रिया का दावा
हाल ही में सामने आए एक नए वीडियो में संतोष गोयल यह कहते नजर आए कि सेना ने उनकी जांच पूरी कर ली है और उन्हें “अपना व्यक्ति” बताया है. उनके अनुसार, जांच के बाद उनके लिए पेंशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सरकार को उनके पेंशन के लिए आवेदन भेजा गया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें तीन महीने के भीतर पेंशन मिलने की संभावना है और तब तक उनके खर्च की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष उठा रहा है.
सोशल मीडिया की ताकत और बहस
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया की ताकत और प्रभाव को उजागर किया है. जहां एक ओर लोग इस कहानी को भावनात्मक रूप से देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसके तथ्यों और वास्तविकता पर सवाल भी उठा रहे हैं. वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं और अलग-अलग दावों के कारण मामला और जटिल होता जा रहा है.
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