महानंदा एक्सप्रेस के सफर के दौरान चलती ट्रेन से अचानक गायब हुई प्रज्ञा सिंह की रहस्यमयी गुत्थी सुलझ गई है. केदारनाथ धाम के दर्शन कर पति के साथ लौट रही प्रज्ञा जो मुजफ्फरनगर के पास लापता हो गई थीं उन्हें बिहार के बेगूसराय से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है. कानपुर की रहने वाली प्रज्ञा का इस तरह लापता होना पुलिस और रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था लेकिन अंततः एक फोन कॉल ने इस पूरे सस्पेंस का अंत कर दिया.
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सफर के बीच से गायब हुई प्रज्ञा
कानपुर के नौबस्ता निवासी मनीष अग्रहरी, जो वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में कार्यरत हैं. वह अपनी पत्नी प्रज्ञा के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लौट रहे थे. देहरादून से महानंदा एक्सप्रेस में सवार होने के बाद थकान के कारण मनीष की आंख लग गई. जब मुजफ्फरनगर स्टेशन से पहले उनकी नींद खुली, तो प्रज्ञा गायब थीं. मनीष ने पूरी ट्रेन छानी, लेकिन प्रज्ञा का कहीं पता नहीं चला.
रेलवे ट्रैक के पास मिली थी आखिरी लोकेशन
इस मामले में सबसे बड़ी चिंता तब बढ़ी जब प्रज्ञा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन लक्सर रेलवे स्टेशन के किनारे ट्रैक के पास मिली. इसके बाद से ही उनका फोन बंद आ रहा था, जिससे किसी अनहोनी की आशंका जताई जा रही थी. पति मनीष ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और डीजीपी से गुहार लगाते हुए लक्सर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई थी.
बेगूसराय में मौसी के घर मिलीं
पुलिस जब सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लगी थी, तभी खबर आई कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में अपनी मौसी के घर पहुंच गई हैं. पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रज्ञा किसी हादसे का शिकार नहीं हुई थीं बल्कि अपने पति से किसी बात पर नाराज होकर चुपचाप ट्रेन से उतर गई थीं और वहां से सीधे अपनी मौसी के घर चली गईं. लक्सर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला सुरक्षित है. पुलिस अब प्रज्ञा का न्यायिक बयान दर्ज कराएगी ताकि घटना के पीछे की सही वजह और परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके. इस घटना ने कुछ समय के लिए रेलवे की सुरक्षा और सीसीटीवी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.
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