Tamil Nadu New Government: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई है. राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला, जहां चंद्रशेखर जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े राजनीतिक नेता और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
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इस मौके पर कांग्रेस समेत कई सहयोगी दलों ने विजय की पार्टी को खुलकर समर्थन दिया, जिससे सरकार गठन का रास्ता आसान हो गया. राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे और उन्होंने मंच से विजय के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया.
बहुमत से पीछे रही पार्टी, सहयोगी दलों ने दिया साथ
विधानसभा चुनाव के नतीजों में विजय की पार्टी को कुल 108 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े से 10 सीट कम थीं. हालांकि सरकार गठन के लिए कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल आगे आए.
कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन दिया, जबकि सीपीआई और सीपीएम ने भी विजय के पक्ष में खड़े होने का फैसला किया. इसके अलावा इंडियन मुस्लिम लीग के दो विधायक भी समर्थन में शामिल हुए. इन सभी दलों के समर्थन के बाद सरकार के पास कुल 121 विधायकों का आंकड़ा पहुंच गया, जिससे बहुमत पूरी तरह सुरक्षित हो गया.
राहुल गांधी की भूमिका रही अहम
तमिलनाडु की सरकार गठन प्रक्रिया में राहुल गांधी की भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा थी कि क्या एआईडीएमके और डीएमके किसी तरह साथ आकर सरकार बनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन कांग्रेस के समर्थन ने पूरी राजनीतिक दिशा बदल दी. राहुल गांधी ने विजय की पार्टी को समर्थन देकर यह संकेत दिया कि विपक्षी गठबंधन में नए समीकरण बन सकते हैं.
विजय को खाली करनी होगी एक सीट
मुख्यमंत्री बने चंद्रशेखर जोसेफ विजय ने इस चुनाव में दो विधानसभा सीटों से जीत दर्ज की है. ऐसे में नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. जिस सीट को वे खाली करेंगे, वहां आने वाले समय में उपचुनाव कराया जाएगा.
हालांकि सहयोगी दलों के समर्थन के बाद उनकी सरकार का बहुमत फिलहाल मजबूत स्थिति में माना जा रहा है.
इंडिया गठबंधन में शामिल होने पर बढ़ी चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर टिकी हुई है कि क्या विजय की पार्टी को भविष्य में इंडिया गठबंधन में शामिल किया जाएगा. राहुल गांधी के खुले समर्थन के बाद राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है.
अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि तमिलनाडु की नई सरकार राज्य की राजनीति को किस दिशा में लेकर जाती है और राष्ट्रीय स्तर पर इसका क्या असर देखने को मिलता है.
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