Hapur Violence: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर निकाली गई रैली उस समय तनाव का कारण बन गई, जब एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया. श्रद्धा और सम्मान के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम कुछ ही देर में पत्थरबाजी और मारपीट में बदल गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा.
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दुकान पर हुए विवाद से भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, जुलूस के दौरान एक युवक पास की दुकान पर गुटखा खरीदने गया था. इसी दौरान किसी बात को लेकर उसकी दुकानदार से कहासुनी हो गई. यह छोटा सा विवाद देखते ही देखते बड़ा हो गया और दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हो गया. इसके बाद माहौल तेजी से बिगड़ गया और दोनों तरफ से पत्थरबाजी व मारपीट शुरू हो गई, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई.
पत्थरबाजी में दो लोग घायल
इस घटना में दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है. अचानक हुई हिंसा के कारण इलाके में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. कई लोग अपने वाहन और सामान मौके पर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए.
पुलिस ने संभाली स्थिति, भारी बल तैनात
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. मेरठ एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि पहले कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था, लेकिन बाद में दुकान पर हुए विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया. पुलिस बल की भारी मौजूदगी के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया और कोई बड़ी घटना नहीं होने पाई.
CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा सके. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दोनों पक्षों में पथराव, वाहन और संपत्ति को नुकसान
स्थानीय लोगों के अनुसार, जुलूस के दौरान कुछ लोगों द्वारा पथराव किया गया, जिसके बाद दूसरे पक्ष ने भी जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान सड़क पर खड़ी मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं और बिजली मीटर सहित कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा. इलाके में भारी पत्थरबाजी के निशान भी देखे गए.
पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनी हुई है. जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एसपी, एडीएम और अन्य टीमें मौके पर मौजूद हैं.
अधिकारियों ने शांति समिति के साथ बैठक कर लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखें.
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