पीलीभीत जिले के माधोटंडा क्षेत्र के बूंदी भूड़ गांव में शराब की दुकान खोलने को लेकर ग्रामीण और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं. लंबे समय से चल रहा शांतिपूर्ण विरोध उस समय हिंसक हो गया जब आबकारी विभाग की टीम पुलिस बल के साथ जबरन दुकान खुलवाने पहुंची.
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बोतलें तोड़ीं और गाड़ियों पर पथराव
जैसे ही अधिकारियों ने दुकान खोलने की प्रक्रिया शुरू की, महिलाओं और ग्रामीणों का सब्र टूट गया:
- अधिकारियों पर हमला: उग्र महिलाओं ने न केवल शराब की बोतलें सड़क पर फेंककर तोड़ दीं, बल्कि मौके पर मौजूद तहसीलदार और आबकारी अधिकारियों पर भी हमला बोल दिया.
- वाहनों में तोड़फोड़: भीड़ के गुस्से का शिकार आबकारी विभाग की गाड़ियां भी बनीं, जिनमें तोड़फोड़ की गई. स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा.
पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प
भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया. दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हाथापाई और धक्का-मुक्की होती रही. ग्रामीण महिलाओं का साफ कहना है कि वे अपने गांव में शराब की दुकान किसी भी कीमत पर नहीं खुलने देंगी, क्योंकि इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है.
कानूनी कार्रवाई और तनाव
इस हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है:
- मुकदमा दर्ज: पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में कई ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
- सुरक्षा बल तैनात: गांव में दोबारा हिंसा न भड़क जाए, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संवाद के जरिए महिलाओं को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन विरोध ने अचानक हिंसक रूप ले लिया. यह घटना स्थानीय नीति और जनभावनाओं के बीच बढ़ते टकराव का बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है.
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