पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए कोलकाता और उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया, जिसमें मुख्य आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया. 6 मई की रात हुई इस वारदात ने पूरे प्रशासन को हिला दिया था. लेकिन शातिर शूटरों की एक डिजिटल गलती ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
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वारदात और पहली चूक
6 मई की रात नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम में नकाबपोश बदमाशों ने चंद्रनाथ रथ की एसयूवी को रोककर उन पर हमला किया और उनकी हत्या कर दी. हमलावर सिल्वर रंग की कार से फरार हुए थे. आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी. लेकिन भागते समय उन्होंने बाली टोल प्लाजा पर नकद के बजाय UPI से भुगतान किया. इसी एक ट्रांजैक्शन ने पुलिस को उनके मोबाइल नंबर और लोकेशन तक पहुंचा दिया.
तकनीकी सबूतों से गिरफ्त में आरोपी: टोल प्लाजा पर लगे हाई-डेफिनेशन कैमरों ने कार में बैठे लोगों के चेहरे साफ कर दिए थे. तकनीकी फुटप्रिंट्स के आधार पर पुलिस ने बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को हिरासत में लिया. वहीं, मुख्य शूटर राज सिंह उर्फ चंदन को लखनऊ से लौटते वक्त अयोध्या में दबोच लिया गया.
कौन है मुख्य आरोपी राज सिंह?
बलिया के आनंद नगर का रहने वाला राज सिंह उर्फ चंदन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है. वह क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी है और साल 2020 में एक हत्या के मामले में जमानत पर बाहर था. सोशल मीडिया पर उसकी कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी मौजूद हैं.
साजिश का नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड के लिए बिहार और पूर्वांचल के पेशेवर शूटरों को बुलाया गया था. आरोपियों ने सिलीगुड़ी की एक कार की फोटो देखकर उसकी 'क्लोन' नंबर प्लेट तैयार की थी ताकि वे पकड़े न जाएं. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों को कोलकाता ले गई है, जहां इस हत्या के असली मास्टरमाइंड और पीछे की वजह का पता लगाया जाएगा.
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