Somnath Sankalp Mahotsav: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित सोमनाथ संकल्प महोत्सव के दौरान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की मजबूती पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि जिन्होंने सनातन को समाप्त करने की कोशिश की, वे स्वयं इतिहास में खो गए, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी उतनी ही जीवंत और मजबूत है. योगी आदित्यनाथ ने लगभग 1000 वर्ष पहले हुए विदेशी आक्रमणों का उल्लेख करते हुए सोमनाथ मंदिर पर बार-बार हुए हमलों का उदाहरण दिया और कहा कि भारत की आत्मा को कभी नष्ट नहीं किया जा सकता.
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भारत की आध्यात्मिक पहचान पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने केवल मंदिरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की, बल्कि भारत की आध्यात्मिक पहचान को भी मिटाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके. उनके अनुसार भारत की चेतना और सनातन संस्कृति का अस्तित्व शाश्वत है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह संस्कृति केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा का मूल स्वरूप है, जो समय के साथ और अधिक मजबूत होती गई है.
काशी और सोमनाथ का ऐतिहासिक महत्व
योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही औरंगजेब जैसी ताकतों ने इन पवित्र स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वे भारत की आत्मा को कभी तोड़ नहीं सके. उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की संस्कृति को मिटाने की कोशिश करते थे, आज उनका कोई अस्तित्व नहीं बचा है. इन ऐतिहासिक प्रतीकों के माध्यम से भारत का गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक स्वाभिमान स्पष्ट रूप से दिखाई देता है.
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