Prateek Yadav Death News: समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अचानक हुई मृत्यु अब विवादों और संदेह के घेरे में है. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया था, लेकिन शरीर पर मिले चोट के निशानों ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है. अब यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की दहलीज तक पहुंच चुका है.
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चोट के निशानों पर संशय
डॉक्टरों की प्रारंभिक राय के मुताबिक, प्रतीक यादव का निधन कार्डियो-रेस्पिरेटरी कोलैप्स (हृदय और श्वसन गति रुकना) के कारण हुआ. हालांकि, जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन्होंने संदेह पैदा कर दिया है:
- Antemartem Injuries: प्रतीक के शरीर पर मौत से पहले के (Antemartem) चोट के निशान पाए गए हैं.
- संदिग्ध लक्षण: उनके बाएं पैर के अंगूठे का नाखून नीला पड़ा पाया गया, जो अक्सर असामान्य शारीरिक स्थितियों की ओर इशारा करता है.
- सैंपल सुरक्षित: मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए डॉक्टरों ने हृदय और फेफड़ों के सैंपल के साथ-साथ विसरा (Viscera) को भी रासायनिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है.
NHRC में शिकायत और SIT की मांग
मानवाधिकार संस्था 'डीके फाउंडेशन' (Dk Foundation) ने इस मामले को लेकर NHRC में याचिका दायर की है. संस्था ने प्रतीक की मौत को संदिग्ध बताते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- SIT जांच: मामले की तह तक जाने के लिए तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए.
- SIT और CFSL: राज्य के प्रभाव से मुक्त निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) से फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए.
- डिजिटल साक्ष्य: एम्बुलेंस के आवागमन और सिविल अस्पताल के तमाम सीसीटीवी फुटेज को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर उनकी बारीकी से जांच की जाए.
प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल
प्रतीक यादव एक बेहद अनुशासित और फिटनेस फ्रीक जीवनशैली के लिए जाने जाते थे, ऐसे में उनकी अचानक मौत और शरीर पर मिले निशानों ने उनके समर्थकों और परिवार के करीबियों को चौंका दिया है. NHRC के दखल के बाद अब इस मामले में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है. सभी की नजरें अब आयोग के अगले कदम और विसरा रिपोर्ट पर टिकी हैं.
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