उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खाकी को दागदार कर दिया है. यहाँ तैनात सिपाही सुनील शुक्ला ने एक वीडियो जारी कर पुलिस महकमे के भीतर चल रहे 'संगठित वसूली' के खेल का पर्दाफाश करने का दावा किया है.
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'गणना प्रभारी से लेकर RI तक सब शामिल'
सिपाही सुनील शुक्ला का आरोप है कि पुलिस लाइन में सुविधाजनक ड्यूटी और अच्छी पोस्टिंग के लिए हर महीने पैसे वसूले जाते हैं.
- वसूली का नेटवर्क: सुनील के अनुसार, ड्यूटी लगाने के नाम पर होने वाली इस लूट में गणना प्रभारी, गार्ड कमांडर और आरआई (RI) महोदय से लेकर उच्च स्तर के अधिकारी तक शामिल हैं.
- भ्रष्टाचार की जड़ें: सिपाही का दावा है कि यह व्यवस्था इतनी संगठित है कि हर स्तर पर रिश्वत की रकम तय है. उन्होंने सीधे तौर पर कुछ आईपीएस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं.
अमेठी का रहने वाला है सिपाही, CM से मांगी मदद
सुनील शुक्ला मूल रूप से अमेठी के रहने वाले हैं और 2015 में भर्ती हुए थे. उन्होंने वीडियो में भावुक होते हुए कहा कि उनका परिवार बेहद सामान्य है, लेकिन विभाग की इस लूट ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है.
निष्पक्ष जांच की मांग: सुनील ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जिन अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी जा रही है, वे खुद इस घोटाले का हिस्सा हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच संभव नहीं है.
विपक्ष को मिला मुद्दा, महकमे में हाहाकार
इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस लाइन में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस विभाग की छवि सुधारने की कोशिशों के बीच एक सिपाही के इन आरोपों ने सरकार और प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया है. विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
जानकारों का कहना है कि पुलिस लाइन में सिपाहियों से ड्यूटी के नाम पर धन उगाही की शिकायतें पहले भी आती रही हैं, लेकिन सरेआम वीडियो बनाकर अधिकारियों को चुनौती देना इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है. फिलहाल पुलिस महकमा इस मामले की जांच की बात कह रहा है, लेकिन सुनील के वीडियो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी बहस छेड़ दी है.
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