जौनपुर हादसे के पीड़ित परिवार के सामने बैठे रहे मंत्री ओम प्रकाश राजभर... पैरों में गिरकर रोती रहीं महिलाएं, वीडियो वायरल होने पर छिड़ा विवाद

Om Prakas Rajbhar news: ओम प्रकाश राजभर का रोती महिलाओं के प्रति असंवेदनशील व्यवहार सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जौनपुर हादसे में मारे गए छात्र के परिवार से मुलाकात के दौरान उनका रवैया विवादित रहा।

यूपी तक

18 May 2026 (अपडेटेड: 18 May 2026, 10:14 AM)

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OP Rajbhar Jaunpur Video: उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर अपने एक कथित असंवेदनशील व्यवहार को लेकर विवादों के घेरे में आ गए हैं. जौनपुर जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले छात्र सनी राजभर के परिजनों से मुलाकात के दौरान मंत्री का जो रवैया सामने आया, उसने सोशल मीडिया से लेकर सियासी हलकों तक बवाल खड़ा कर दिया है.

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पैरों में गिरकर रोती रहीं महिलाएं, चुपचाप कुर्सी पर बैठे रहे मंत्री

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हादसे से टूटा और रोता-बिलखता पीड़ित परिवार मंत्री राजभर से न्याय की गुहार लगा रहा है. पीड़ित परिवार की महिलाएं रोते हुए रोष और बेबसी में मंत्री के पैरों में गिर पड़ती हैं और इंसाफ की मांग करती हैं. लेकिन इस बेहद भावुक क्षण में भी मंत्री ओम प्रकाश राजभर अपनी कुर्सी पर शांत बैठे रहे और उनके चेहरे पर कोई खास भाव नजर नहीं आया. पीड़ित परिवार के प्रति इस तरह की उदासीनता और सहानुभूति की कमी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है.

नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था मृतक छात्र

यह पूरा विवाद एक दर्दनाक हादसे से जुड़ा हुआ है. मृतक सनी राजभर एक फार्मेसी का छात्र था, जो जौनपुर के जटापुर गाँव में अपनी नानी के यहाँ रहकर पढ़ाई कर रहा था. सड़क हादसे में उसकी असामयिक मौत के बाद से ही परिवार और स्थानीय समुदाय का गुस्सा उफान पर था. परिवार को उम्मीद थी कि सरकार के कद्दावर मंत्री और अपनी ही बिरादरी के नेता होने के नाते राजभर उन्हें ढांढस बंधाएंगे और आरोपियों के खिलाफ त्वरित व ठोस कानूनी कार्रवाई का भरोसा देंगे, लेकिन मौके पर ऐसा कुछ होता नहीं दिखा.

विपक्ष ने घेरा, लोकतंत्र और राजनीतिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने इसे हाथों-हाथ लिया है और योगी सरकार के मंत्रियों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब कोई जनप्रतिनिधि अपनी ही जनता के गहरे दर्द और आंसुओं को अनदेखा कर दे, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक जिम्मेदारी का सबसे कमजोर रूप होता है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर राजभर की जमकर आलोचना कर रहे हैं.