नोएडा की त्विशा शर्मा के साथ ससुराल में हुआ ऐसा कांड कि हर कोई हिल गया, भोपाल में जज सास और पति ने...

Twisha Sharma News: नोएडा की त्विशा शर्मा की भोपाल में संदिग्ध मौत के बाद बवाल. परिजनों ने ससुराल वालों पर लगाया दहेज प्रताड़ना का आरोप. न्याय के लिए मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन, SIT गठित.

यूपी तक

18 May 2026 (अपडेटेड: 18 May 2026, 10:08 AM)

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Noida Twisha Sharma Case:नोएडा की रहने वाली दिशा शर्मा के साथ उनकी ससुराल में हुई दर्दनाक और संदिग्ध घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है. दिशा की मौत के बाद उनके मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर अत्याचार और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही दिशा को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में थी.

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मैट्रीमोनियल साइट से हुई थी शादी, भोपाल में हुआ दुःखद अंत

जानकारी के अनुसार, त्रिशा और समर्थ की शादी एक मैट्रिमोनियल (वैवाहिक) साइट के जरिए हुई थी. शादी के बाद त्रिशा भोपाल शिफ्ट हो गई थीं. परिजनों का आरोप है कि विदा होने के बाद से ही उनकी जिंदगी नारकीय बन गई थी. दिशा ने अपनी मां और परिवार से वापस नोएडा आने की इच्छा भी जताई थी, लेकिन इससे पहले कि परिवार कुछ कर पाता, उसकी मौत की खबर आ गई जिससे पूरा मायका हिल गया.

पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप, मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना

दिशा के परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है, यही वजह है कि घटना के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. न्याय न मिलता देख पीड़ित परिजन अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास (CM House) के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में ससुराल वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन परिवार का कहना है कि वास्तविक न्याय अभी भी उनसे बहुत दूर है.

SIT जांच से संतुष्ट नहीं परिवार, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी की मांग

मामले की गंभीरता और बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है. इसके बावजूद पीड़ित परिवार इस जांच से संतुष्ट नहीं है. उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नहीं हो पा रही है. अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अब परिवार ने इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी (Supreme Court Monitoring) में कराए जाने की मांग उठाई है.