UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोर्ट परिसर के बाहर बने अवैध चैंबर और अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. इस कार्रवाई के लिए छह बुलडोजर लगाए गए, जिसके बाद वकीलों में नाराजगी फैल गई और मौके पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वकीलों को हटाने की कोशिश की, जिससे मौके पर धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालात बिगड़ते देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया.
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150 से ज्यादा चैंबर तोड़े गए
प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई में अब तक 150 से अधिक चैंबर हटाए जा चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट परिसर के बाहर फुटपाथ और नालों पर अतिक्रमण होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था इसलिए यह कदम उठाया गया.
वकीलों ने लगाया बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप
वहीं वकीलों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि उन्हें कोई उचित नोटिस नहीं दिया गया और अचानक बुलडोजर भेजकर कार्रवाई शुरू कर दी गई. उनका कहना है कि वर्षों से वे इन चैंबरों में काम कर रहे हैं और यह उनकी पेशेवर पहचान और मेहनत से जुड़ी जगहें हैं. इस कार्रवाई के खिलाफ महिला वकील भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं. कई वकीलों ने अपने चैंबर बंद कर दिए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. वरिष्ठ वकीलों ने भी अपनी कार्यस्थल को लेकर चिंता जाहिर की है.
प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है और अवैध निर्माण हटाना जरूरी है ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके. पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर वकीलों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है और मामले के समाधान के लिए बातचीत जारी है.
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