उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की धरती हमेशा से ही बाहुबल और राजनीति के कॉकटेल के लिए जानी जाती रही है. इस वक्त जौनपुर के सियासी गलियारों में एक नई स्क्रिप्ट लिखी जा रही है. लंबे समय से यह सुगबुगाहट थी कि बनारस और गाजीपुर में अपना डंका बजाने वाले बाहुबली बृजेश सिंह अब जौनपुर की सियासत में एंट्री मार सकते हैं, और अब यह चर्चा हकीकत में बदलती दिख रही है. महाराणा प्रताप जयंती के एक कार्यक्रम में बृजेश सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह की धमाकेदार मौजूदगी ने जौनपुर के मौजूदा 'किंगमेकर' धनंजय सिंह के खेमे में खलबली मचा दी है. उधर मऊ में मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने भी पाला बदलने के संकेत देकर यूपी की राजनीति में बाहुबलियों के एक नए सियासी खेल की शुरुआत कर दी है.
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बदलापुर में बृजेश सिंह की एंट्री
हाल ही में जौनपुर की बदलापुर विधानसभा में महाराणा प्रताप जयंती का एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस मंच पर पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के साथ उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह नजर आए. इस दौरान पूर्व सांसद हरिवंश सिंह समेत बीजेपी के कई स्थानीय दिग्गजों ने जिस गर्मजोशी से उनका स्वागत किया उसने बहुत कुछ साफ कर दिया है. राजनीतिक पंडितों की मानें तो जौनपुर की ताकतवर 'ठाकुर लॉबी' अब यह मन बना चुकी है कि जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बृजेश सिंह के बेटे सिद्धार्थ सिंह को बैठाया जाए. इससे पहले जौनपुर से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके कृपा शंकर सिंह ने भी सिद्धार्थ सिंह के चुनाव लड़ने को लेकर खुले तौर पर संकेत दिए थे.
श्रीकला धनंजय सिंह की कुर्सी पर खतरा!
फिलहाल जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की हाई-प्रोफाइल कुर्सी पर धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह का कब्जा है. जौनपुर में धनंजय सिंह का एकछत्र दबदबा माना जाता है और चर्चा है कि बीजेपी का एक धड़ा बृजेश सिंह के जरिए धनंजय के इसी प्रभाव को जमींदोज करने की तैयारी में है। हालांकि, जब एक पॉडकास्ट में धनंजय सिंह से बृजेश सिंह की एंट्री को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़े बेबाक अंदाज में कहा 'कौन बृजेश सिंह? लोकतंत्र है, जो भी राजनीतिक जीवन में है उसे प्रयास करने का पूरा अधिकार है. अकेले हम ही तो राजनीति करेंगे नहीं. लोकतंत्र में सबका स्वागत है, आएं और समाज की सेवा करें. जब मैं बड़ी पार्टियों से खतरा नहीं समझता, तो किसी व्यक्ति विशेष से क्या डरूंगा?'
धनंजय ने यह भी साफ किया कि बृजेश सिंह के भतीजे सुशील सिंह के साथ उनके 2007 से ही अच्छे राजनीतिक संबंध रहे हैं. इसलिए उनके बीच कोई व्यक्तिगत दुश्मनी या मनमुटाव नहीं है.
धनंजय सिंह की नई केमिस्ट्री और 'लॉबिंग' का खेल
भले ही धनंजय सिंह कैमरे के सामने बेफिक्र दिख रहे हों. लेकिन पर्दे के पीछे सियासी गोटियां पूरी तेजी से सेट की जा रही हैं. इन दिनों धनंजय सिंह की केमिस्ट्री एक और दिग्गज बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह के साथ खूब जम रही है.
जौनपुर में बृजभूषण शरण सिंह के साथ मंच साझा करना हो, उनके गुरु के आश्रम जाना हो या फिर उनके साथ हेलीकॉप्टर की सवारी करनी हो धनंजय अपनी मजबूत लॉबिंग का प्रदर्शन लगातार कर रहे हैं. इसके साथ ही, पिछले दिनों श्रीकला सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि आगामी पंचायत चुनावों के बाद समीकरण बदले, तो धनंजय सिंह बीजेपी के साथ किसी बड़ी सहमति या अपनी पत्नी के लिए किसी बड़े टिकट की जुगत में हैं.
उधर मऊ में अब्बास अंसारी ने पलटा खेल!
बाहुबलियों की इस सियासी हलचल के बीच सुभासपा (SBSP) विधायक अब्बास अंसारी ने भी एक बड़ा दांव खेल दिया है. अब तक ओम प्रकाश राजभर के साथ 'पीला गमछा' ओढ़कर सियासत करने वाले अब्बास अंसारी अचानक समाजवादी पार्टी के मऊ कार्यालय पहुंच गए. इस मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह कयास तेज हो गए हैं कि अब्बास अंसारी जल्द ही 'लाल रंग की साइकिल' की सवारी कर सकते हैं.
सपा दफ्तर से अब्बास अंसारी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह बेहद अनौपचारिक अंदाज में एक बुजुर्ग महिला (चाची) से बातचीत करते हुए उनके घर लस्सी भिजवाने की बात कर रहे हैं और हंसी-मजाक के मूड में नजर आ रहे हैं. इस वीडियो ने उनके सपा में जाने की चर्चाओं को और हवा दे दी है.
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