Ratna Singh case: गोरखपुर की रहने वाली रत्ना सिंह की मौत का मामला अब लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस केस को लेकर गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग तेज हो गई है. लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित फ्लैट में हुई इस घटना के बाद पूरा मामला गंभीर रूप ले चुका है. परिवार का आरोप है कि रत्ना को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह बेहद परेशान थी. पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है.
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गोरखपुर में मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि
गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने पंडित गोविंद वल्लभ पंत पार्क में रत्ना सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए परिवार, दोस्तों और स्थानीय लोगों ने मोमबत्ती जलाकर प्रदर्शन किया. इस दौरान सभी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. रत्ना की बहनों सुप्रिया सिंह और प्रिया सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और मामले को दबाने के लिए परिवार को धमकियां भी दी गईं.
परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. उनका आरोप है कि शुरुआत में पुलिस की कार्रवाई धीमी थी, लेकिन बाद में उच्च स्तर पर मामला पहुंचने के बाद जांच में तेजी आई.
मानसिक प्रताड़ना से टूट गई थी रत्ना
परिवार का कहना है कि रत्ना बहुत जिंदादिल लड़की थी और वह कभी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी. उनका दावा है कि यह मामला मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का है, जिसे “मेंटल मर्डर” बताया जा रहा है. परिवार के अनुसार रत्ना अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहती थी और चार बहनों के साथ मिलकर एक क्लोदिंग ब्रांड शुरू करने की योजना भी बना रही थी.
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार दबाव और धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी. उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना जरूरी है.
लखनऊ में सामने आया घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार रत्ना सिंह गोरखपुर के बिछिया इलाके की रहने वाली थीं और करीब दस साल पहले बड़े सपनों के साथ लखनऊ आई थीं. उन्होंने मेहनत से मनसून सैलून में मैनेजर का पद हासिल किया था और पिछले कई वर्षों से लखनऊ में रह रही थीं.
12 मई की रात गोमती नगर विस्तार स्थित फ्लैट में रत्ना की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मौत से पहले उन्होंने एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें विरासत होटल और मनसून सैलून के मालिक शरद सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी जोशी, सहयोगी प्रशांत शर्मा, मंगल यादव और वैशाली पर गंभीर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे. उन्होंने अपने दो दोस्तों को फोन कर घटना की जानकारी भी दी थी.cजब पुलिस मौके पर पहुंची तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजा तोड़कर रत्ना को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस कार्रवाई में कई आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मुख्य आरोपी शरद सिंह के विरासत होटल और मनसून सैलून को सील कर दिया गया है.
इसके अलावा एलडीए ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की और आरोपियों की तीन लग्जरी गाड़ियों को भी जब्त कर लिया गया. पुलिस मामले की जांच हर एंगल से कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है.
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