लखनऊ/गाजीपुर: उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनावों और जातिगत समीकरणों का हमेशा से गहरा तालमेल रहा है. जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आ रहे हैं, प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और वोटर्स की भावनाएं भी उभरने लगी हैं. यह वह दौर है जब नेता अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए जाति और क्षेत्रीय मुद्दों को पूरी ताकत से उठाने लगते हैं. इस चुनावी माहौल के बीच, गाजीपुर के कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले ने पूर्वांचल की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जिसने सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक को हिलाकर रख दिया है.
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पूर्वांचल का किंगमेकर 'बिंद समाज': गाजीपुर-जौनपुर में चुनावी गणित तय करता है यह वोटर
पूर्वांचल के राजनैतिक समर में बिंद समुदाय की स्थिति बेहद अहम है:
वोट बैंक की ताकत: बिंद समाज कई जिलों में एक बेहद प्रभावशाली और निर्णायक वोटर माना जाता है. खासकर गाजीपुर और जौनपुर जैसे क्षेत्रों में इस समुदाय की भारी भागीदारी सीधे तौर पर चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है.
एनकाउंटर से गरमाई राजनीति: गाजीपुर में कमलेश बिंद के पुलिस एनकाउंटर के बाद से इस पूरे समाज में भारी आक्रोश है, जिसके चलते विभिन्न राजनीतिक पार्टियां और स्थानीय नेता इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर अपना पक्ष रख रहे हैं.
'एनकाउंटर फर्जी है, जांच कराएं सीएम'- योगी सरकार के सहयोगी संजय निषाद के बागी बोल
इस पूरे विवाद में निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद अपने बयानों के जरिए मुख्य भूमिका में आ गए हैं. उन्होंने अपनी ही सरकार की पुलिसिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
फर्जी एनकाउंटर का आरोप: संजय निषाद ने कमलेश बिंद के एनकाउंटर को साफ तौर पर 'फर्जी' करार दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग सौंपी है.
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग: इसके साथ ही उन्होंने जौनपुर के विनीत राय हत्याकांड के असली और मुख्य आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग भी उठाई है.
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