'लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई...,' धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चंद्रशेखर आजाद ने सरकार को दी चेतावनी

यूपी तक

• 11:43 AM • 26 Jul 2026

Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इसे छात्रों के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है. इसके साथ ही उन्होंने अभी इस लड़ाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक जारी रखने का कहा है.

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Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री ने यह इस्तीफा दिया है. इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक देश की शिक्षा व्यवस्था में पूरी तरह जवाबदेही तय नहीं हो जाती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा.

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25 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन

20 जुलाई को दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 25 जुलाई को देश भर के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. इस दौरान चंद्रशेखर आजाद खुद लखनऊ में मौजूद रहे, जहां कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी. इसी प्रदर्शन के बीच 25 जुलाई की दोपहर को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद जंतर-मंतर पर चल रहा धरना खत्म हो गया.

शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत है. यह उन लाखों विद्यार्थियों की आवाज की जीत है जिन्होंने अन्याय के सामने झुकने से मना कर दिया था. चंद्रशेखर आजाद ने आगे कहा कि हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. जब तक शिक्षा व्यवस्था में पूरी तरह पारदर्शिता और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.

प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने की मंजूरी दे दी है. प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद हैं और वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का काम संभाल रहे हैं. अब नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों के बीच फिर से विश्वास जगाने की होगी.