Jantar Mantar Protest: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन लगातार जारी है. उमस और गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर मौजूद हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते या सरकार उन्हें पद से नहीं हटाती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा. धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए स्वयंसेवक तैनात हैं.
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सरकार से बातचीत जारी, दो मांगों पर सकारात्मक संकेत
यूपी तक से बातचीत में सीजेपी के कोर टीम सदस्य राम ने बताया कि सरकार के साथ वार्ता चल रही है. उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से आशुतोष रांका और सौरभ दास ने बैठक में हिस्सा लिया. राम के मुताबिक, संगठन की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार ने सिद्धांत रूप से सहमति जताई है. हालांकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है और सरकार ने इस पर विचार के लिए दोपहर 3:30 बजे तक का समय मांगा है.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो भीड़ और बढ़ेगी
राम ने दावा किया कि यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते या सरकार उन्हें बर्खास्त नहीं करती है, तो आंदोलन और बड़ा हो जाएगा. उनका कहना था कि देशभर के युवा इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं और आने वाले समय में प्रदर्शनकारियों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है. उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं होती.
पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगाए आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली-एनसीआर में कई जगह पुलिस वाहनों की जांच कर रही है और जंतर-मंतर जाने वाले युवाओं से पूछताछ की जा रही है. राम ने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट तक चेक किए जा रहे हैं. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
सरकार आंदोलन को रोकना चाहती है
राम का आरोप है कि सरकार नहीं चाहती कि बड़ी संख्या में युवा एक जगह इकट्ठा हों. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और इंटरनेट कनेक्टिविटी में भी दिक्कतें आ रही हैं. उनके मुताबिक, सरकार आंदोलन को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं.
कोर टीम सदस्य ने बताया अपना परिचय
राम ने बताया कि वह लॉ के छात्र हैं, सोशल वर्कर हैं और नोएडा में रियल एस्टेट एवं ऑटोमोबाइल का व्यवसाय करते हैं. उन्होंने कहा कि वह 6 जून से इस आंदोलन से जुड़े हैं और अब संगठन की कोर टीम का हिस्सा हैं.
सात साल का बेटा पूछता है, पापा क्यों जा रहे हो?
परिवार के बारे में पूछे जाने पर राम भावुक हो गए. उन्होंने बताया कि उनका सात साल का बेटा रोज पूछता है कि वे घर छोड़कर आंदोलन में क्यों जा रहे हैं. राम ने कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है. इसलिए वे इसे अपना कर्तव्य मानते हैं.
जुनैद खान को लेकर भी उठे सवाल
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने वाले जुनैद खान को लेकर पूछे गए सवाल पर राम ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कुछ बातें सुनी हैं, लेकिन मामला संगठन की लीगल टीम देख रही है. इसलिए उन्होंने इस पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया.
पिंकी चौधरी के बयान पर दी प्रतिक्रिया
हिंदू रक्षा दल से जुड़े पिंकी चौधरी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राम ने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो नहीं देखा है. हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को बदनाम करने के लिए बाहरी तत्व भेजे जाते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति हुड़दंग करता दिखाई दे तो उसे आंदोलन का हिस्सा मानने से पहले सावधानी बरतें.
3:30 बजे की बैठक पर टिकी निगाहें
फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी है. प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. अब सभी की नजर दोपहर 3:30 बजे होने वाली अगली बैठक पर है, जहां इस मुद्दे पर कोई महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है.
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