Dharmendra Pradhan Resignation: जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जहां एक तरफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच खुशी है, तो वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे देश के युवाओं और इंकलाब की जीत बताया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी कर धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया है.
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अखिलेश और राहुल गांधी का बयान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह पूरे देश के छात्र-नौजवानों, इंकलाब और हल्ला बोल का नारा देने वालों की जीत है. उन्होंने कहा कि पुलिस के आंसू गैस, लाठी और अपमान का बहादुरी से मुकाबला करने वाले युवाओं के संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का जाना तय था, लेकिन इस पूरे सिस्टम के मुख्य ऑपरेटर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उन्हें देश के विद्यार्थियों से माफी मांगनी चाहिए.
सीएम योगी ने जताया आभार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के लिए एक बड़ा फैसला बताते हुए उनके योगदान की तारीफ की है. सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र के चरित्र का निर्माण करती है और धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्र दृष्टि को ही अपने कार्य का आधार बनाया है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति, नवाचार, कौशल और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा मिला है. सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, और उन्हें पूरा विश्वास है कि धर्मेंद्र प्रधान का अनुभव आगे भी विकसित भारत के संकल्प को गति प्रदान करता रहेगा.
प्रह्लाद जोशी को मिला नया प्रभार
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दो पन्नों का पत्र साझा कर खुद अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी, जिसमें उन्होंने युवाओं के भविष्य और देशविरोधी ताकतों को रोकने के लिए यह फैसला लेने का दावा किया. इसके बाद राष्ट्रपति भवन से आधिकारिक बयान जारी कर बताया गया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं. प्रह्लाद जोशी को नई जिम्मेदारी मिलते ही सोशल मीडिया पर उनके शिक्षा और पुराने विवादों को लेकर बहस छिड़ गई है.
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