जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने के बाद छात्रों ने जीता सबका दिल, देर रात तक धरना स्थल पर किया ये काम बन गई मिशाल!

यूपी तक

• 01:53 PM • 26 Jul 2026

Jantar Mantar Student Protest: नीट पेपर लीक को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हो गया है. आंदोलन खत्म होने पर युवाओं ने जश्न मनाने के साथ सफाई अभियान चलाकर जंतर-मंतर को साफ किया है.

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Jantar Mantar Student Protest: नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से चल रहा आंदोलन अब खत्म हो गया है. शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जीत का जश्न मनाया और धरना समाप्त करने का एलान कर दिया. इसके साथ ही जंतर-मंतर खाली होने लगा और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा अपने घरों की ओर लौटने लगे. हालांकि, जाने से पहले प्रदर्शनकारी युवाओं, छात्रों और कॉरपोरेट क्षेत्र में काम करने वाले वॉलंटियर्स ने जंतर-मंतर पर फैला कचरा साफ कर एक नई मिसाल पेश की है.

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युवाओं ने चलाया विशेष सफाई अभियान

धरना खत्म होने के बाद जीत का जश्न मना रहे युवाओं ने अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई. झारखंड और बिहार जैसे दूर-दराज के राज्यों से आए छात्रों और वॉलंटियर्स ने हाथों में झाड़ू, दस्ताने और बोरे उठाकर जंतर-मंतर की सफाई की. सफाई में जुटे सुनील नाम के एक युवा ने बताया कि जितना कचरा यहां फैला था, उसे साफ करना उनकी अपनी जिम्मेदारी है ताकि बाद में आने वाली पीढ़ी को परेशानी न झेलनी पड़े. इसके साथ ही कॉरपोरेट कंपनियों में काम करने वाले कई नौकरीपेशा लोग भी अपनी छुट्टी वाले दिन इस सफाई अभियान में योगदान देने पहुंचे.

एनडीएमसी कर्मियों ने हटाई सभी बैरिकेडिंग

युवा वॉलंटियर्स की इस पहल के साथ-साथ नगर निगम प्रशासन भी तुरंत सफाई में जुट गया. एनडीएमसी (NDMC) के 500 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने रात भर काम करके जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह साफ किया. इसके साथ ही जंतर-मंतर और आसपास के रास्तों पर फिक्स की गई बैरिकेडिंग को भी सड़कों से पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके.

20 जून से जारी आंदोलन की कहानी

यह पूरा विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 20 जून को शुरू किया गया था. इसके बाद 28 जून को सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल में शामिल हुए थे. 20 जुलाई को संसद मार्च के एलान से ठीक दो दिन पहले, यानी 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटा दिया गया था, जिसके बाद आंदोलनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया. 20 जुलाई को पुलिस कार्रवाई के बाद देशभर से युवा जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे. आखिरकार, शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार व सीजेपी के बीच तीसरे दौर की बातचीत के बाद यह आंदोलन समाप्त हुआ.