सपा के प्रदर्शन के दौरान इंसपेक्टर ने निकाली पिस्टल, अलीगढ़ में जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर बवाल

यूपी तक

• 02:11 PM • 25 Jul 2026

Aligarh News: अलीगढ़ में जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस से तीखी झड़प हुई है. पुतला दहन के बीच इंस्पेक्टर द्वारा पिस्तौल निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है.

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Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई. कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सपा कार्यकर्ताओं द्वारा पुतला दहन के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर ने अपनी पिस्तौल निकाल ली. पिस्तौल निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हंगामा और बढ़ गया. इस घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और अभद्रता करने का मामला दर्ज किया है.

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पुतला दहन के दौरान भड़की झड़प

यह घटना 24 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग एक बजे अलीगढ़ के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में जिला मुख्यालय के सामने हुई. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इस दौरान मौके पर मौजूद सिविल लाइंस इंस्पेक्टर का पिस्तौल निकालते हुए एक वीडियो सामने आया. पिस्तौल देखकर सपा कार्यकर्ता भड़क गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे.

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

इंस्पेक्टर का पिस्तौल निकालने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए. सपा कार्यकर्ताओं ने आरोपी इंस्पेक्टर के तुरंत निलंबन की मांग की. घटना का वीडियो शेयर करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा कि पिस्तौल निकालने वाले यह भूल गए कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो यह पुलिस की नौकरी उनके हाथ नहीं आती. उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं. इसके बाद सीओ सरवन सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को समझाया, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने अपना ज्ञापन सौंपा.

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पुलिस प्रशासन ने सपा कार्यकर्ताओं के आरोपों को नकारते हुए अपना पक्ष रखा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की, धक्का-मुक्की की और सरकारी काम में बाधा डाली. पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्तौल भी छीनने की कोशिश की गई. इस संबंध में थाना सिविल लाइंस में कुछ नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. गौरतलब है कि रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 निर्माणों को अवैध घोषित किया गया है, जिसे लेकर सपा विरोध जता रही है.