प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत मामले में CBI जांच की मांग तेज, भाई ने ये बोला

यूपी तक

• 12:04 PM • 30 Sep 2026

रसिक दुलारी शरण की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है. परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके. पोस्टमार्टम में गंभीर चोटें मिलने से हत्या की आशंका जताई जा रही है. मामला जांच के दायरे में है और पुलिस फोरेंसिक जांच कर रही है.

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प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर मिले इंजरी के निशान और शरीर के हिस्से अलग पाए जाने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग उठाई है. परिजनों का आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद से रसिक का उनसे कोई संपर्क नहीं होने दिया गया था और आश्रम की ओर से भी सही जानकारी नहीं दी गई. जहां एक ओर पुलिस शुरुआती जांच में इसे खुदकुशी का मामला मान रही है. वहीं परिवार का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश और हत्या का मामला है जिसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है.

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पोस्टमार्टम और सीसीटीवी फुटेज से उठे गंभीर सवाल

रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में सामने आए सबूतों ने पूरी घटना पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के वक्त से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में रसिक दुलारी खून से सने कपड़ों में अपने कमरे से बाहर निकलते दिखे थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शव दो हिस्सों में था और मौत से पहले उनके सिर, चेहरे व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों (एंटीमॉर्टम इंजुरी) के निशान थे. इन खौफनाक तथ्यों और चोट के निशानों को देखते हुए परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि निर्मम हत्या है.

"दीक्षा के बाद आश्रम ने काट दिया संपर्क" -परिवार के गंभीर आरोप

जबलपुर निवासी रसिक के परिवार ने आश्रम प्रशासन और स्थानीय दावों पर कई सवाल खड़े किए हैं. परिजनों का कहना है कि जब से रसिक ने दीक्षा ली थी, उसके बाद से उनका परिवार के साथ संपर्क पूरी तरह से तोड़ दिया गया था. घटना के दिन भी आश्रम की ओर से परिजनों को स्पष्ट और सही जानकारी नहीं दी गई जिससे निष्पक्षता पर शक और गहरा गया.

पुलिस की शुरुआती खुदकुशी की थ्योरी को खारिज करते हुए परिजनों ने कहा कि रसिक एक समझदार और सुलझे हुए व्यक्ति थे, जो खुद ऐसा खौफनाक कदम कभी नहीं उठा सकते. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हैं. पुलिस ने घटनास्थल से जुड़ा डीवीआर (DVR), खून के नमूने और मृतक का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. पुलिस के खुदकुशी के नजरिए और परिजनों के हत्या के दावों के बीच बड़े मतभेद को देखते हुए मामले में सीबीआई जांच की मांग लगातार जोर पकड़ रही है.