Amroha Gangrape: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में 23 साल की एक लड़की के साथ कथित गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है क्योंकि दरिंदगी का आरोप किसी आम इंसान पर नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा करने वाले पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों पर लगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में दो सीआरपीएफ कर्मी और दो यूपी पुलिस के जवान शामिल हैं. खाकी वर्दी पर लगे इस गंभीर आरोप के बाद प्रदेश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था और सरकार पर सीधे तौर पर कड़े सवाल खड़े किए हैं.
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अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए सरकार पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने लिखा कि जिसका शासन ही अपराध पर टिका हो, उसकी पुलिस भी हर तरह से भ्रष्ट हो जाती है. अखिलेश ने अमरोहा की इस घटना को पुलिस महकमे पर लगा ऐसा दाग बताया है, जिसे किसी का बचाव भी नहीं मिटा पाएगा. इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में एक 'ऐतिहासिक कार्रवाई' की मांग की है.
धोखे से फार्म हाउस ले गए आरोपी
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, पीड़िता पहले से सीआरपीएफ के आरोपी जवानों (मोहित और लालाराम) को जानती थी. आरोप है कि ये दोनों लड़की को किसी धार्मिक स्थल के दर्शन कराने के बहाने अमरोहा लाए थे. रास्ते में इनकी मुलाकात हसनपुर में तैनात यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर से हुई. इसके बाद ये सभी लोग हसनपुर के झोलपुरी इलाके में स्थित एक फार्म हाउस पहुंचे, जहां रुकने के लिए दो कमरे लिए गए. कुछ ही देर बाद यूपी पुलिस का हेड कांस्टेबल प्रमोद वहां खाना लेकर पहुंचा, जिसके बाद चारों ने मिलकर लड़की के साथ इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
चारों आरोपी गिरफ्तार, सख्त कार्रवाई शुरू
वारदात के बाद पीड़िता ने किसी तरह पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और सबसे पहले लड़की को सुरक्षित बाहर निकाला. अमरोहा पुलिस के अनुसार, 22-23 सितंबर की दरम्यानी रात को यह शिकायत मिली थी. मामले में 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यूपी पुलिस में तैनात दोनों आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया है और उनकी नौकरी से बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं, सीआरपीएफ में तैनात दोनों आरोपियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई के लिए उनके विभाग को भी पत्र लिख दिया गया है.
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