बुंदेलखंड में सपा को मिला बड़ा ब्राह्मण चेहरा, बांदा-चित्रकूट सीट से बसपा के इस नेता को तोड़ लाए अखिलेश यादव!

यूपी तक

• 04:24 PM • 19 Sep 2026

यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी को बुंदेलखंड में बड़ा झटका लगा है. बांदा-चित्रकूट सीट से बसपा के प्रत्याशी रहे मयंक द्विवेदी अब समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थामने जा रहे हैं.

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यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी को बुंदेलखंड में एक बहुत बड़ा झटका लगने वाला है. पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और आकाश आनंद के बाहर होने से कार्यकर्ता पहले ही निराश हैं, और अब बड़े नेता भी मायावती का साथ छोड़ रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में बांदा-चित्रकूट सीट से बसपा के प्रत्याशी रहे मयंक द्विवेदी अब समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थामने जा रहे हैं.

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मयंक द्विवेदी की आज अखिलेश यादव से मुलाकात होने वाली है, जिसके बाद वे आधिकारिक तौर पर सपा में शामिल हो जाएंगे. यह सपा के लिए बांदा इलाके में ब्राह्मण वोट बैंक को मजबूत करने की एक बड़ी रणनीति मानी जा रही है.

ब्राह्मण चेहरे की सपा को थी तलाश

बांदा-चित्रकूट का इलाका लंबे समय से समाजवादी पार्टी के लिए कमजोर कड़ी रहा है, और पार्टी को यहां एक मजबूत ब्राह्मण चेहरे की सख्त जरूरत थी. मयंक द्विवेदी के सपा में आने से यह कमी पूरी होती दिख रही है. मयंक द्विवेदी के पिता पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी भी बसपा के बड़े नेता रहे हैं और 2007 में नरैनी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में बांदा से सपा की कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल जीती थीं, जबकि मयंक द्विवेदी बसपा के टिकट पर करीब 2 लाख 45 हजार वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे. अब मयंक के सपा में आने से पार्टी को इस इलाके में काफी मजबूती मिलेगी.

नरैनी विधानसभा पर सपा की नजर

नरैनी एक सुरक्षित विधानसभा सीट है, लेकिन पिछले पांच चुनावों में यहां समाजवादी पार्टी कभी जीत नहीं सकी है. 2017 और 2022 में इस सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी, जबकि उससे पहले बसपा का दबदबा था. नरैनी में करीब 45 हजार ब्राह्मण, 45 हजार दलित, 32 हजार यादव और 25 हजार मुस्लिम वोटर हैं. ऐसे में मयंक द्विवेदी के जरिए समाजवादी पार्टी यहां ब्राह्मण, यादव और मुस्लिम वोटरों का एक मजबूत गठजोड़ बनाने की कोशिश कर रही है. 

सपा में लगातार शामिल हो रहे नेता

समाजवादी पार्टी 2027 के चुनावों के लिए अभी से पूरी तरह सक्रिय हो गई है और लगातार दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है. मयंक द्विवेदी के अलावा हाल ही में बीजेपी से हेमराज वर्मा और राम आश्रय कुशवाहा ने भी सपा का दामन थामा है. ये दोनों नेता पहले सपा सरकार में ही मंत्री थे, जो बाद में बीजेपी में चले गए थे और अब वापस लौट आए हैं. मयंक द्विवेदी के आने से यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि उन्हें बांदा विधानसभा सीट से बीजेपी के मौजूदा विधायक प्रकाश द्विवेदी के खिलाफ चुनाव लड़ाया जा सकता है. अब देखना दिलचस्प होगा कि सपा की इस रणनीति का बसपा और बीजेपी क्या जवाब देती हैं.