Jhansi Crime News: झांसी के प्रेमनगर इलाके में 21 साल के एक ड्रग सप्लायर परवेज की पीट-पीटकर हत्या के मामले में यूपी पुलिस का एक सिपाही भी फंस गया है. इस हत्याकांड में सिपाही आशीष सिंह की गिरफ्तारी के बाद हर कोई हैरान है. शुरुआत में इस घटना को एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में परवेज के शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि संगठन की आड़ में कुछ लोग ड्रग पेडलर को डरा-धमकाकर वसूली करते थे और इस पूरे खेल में सिपाही आशीष सिंह भी उनके साथ मिला हुआ था.
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ड्रग्स डीलिंग के बहाने से बुलाया
पुलिस जांच में पता चला है कि 13 सितंबर 2026 को ड्रग्स डीलिंग के बहाने परवेज को बुलाया गया था. इसके बाद उसे एक कार में बैठाया गया और उसका वीडियो बनाया गया. पुलिस के मुताबिक, कार में परवेज के साथ भूपेंद्र और शनि नाम के युवक भी मौजूद थे. आरोपियों ने परवेज को पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी. विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने चलती कार के अंदर ही परवेज के साथ मारपीट शुरू कर दी. इसी मारपीट के दौरान जब परवेज कार से उतरने लगा, तो वह संभल नहीं पाया और जमीन पर गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई.
सिपाही आशीष सिंह की भूमिका
इस मामले की गहराई से जांच करने पर यूपी पुलिस के सिपाही आशीष सिंह का नाम सामने आया, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया. झांसी के एसएसपी के अनुसार, प्रियांशु और साहिल नाम के युवक अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर 'राष्ट्रभक्त संगठन' नाम से एक संगठन चलाते थे. इन्हीं अभियुक्तों के किराए के मकान में सिपाही आशीष सिंह भी रहता था. पुलिस को मिले सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और ऑडियो से यह पुष्टि हुई है कि यह संगठन अपराध रोकने के नाम पर ड्रग पेडलर जैसे लोगों को पकड़कर उनसे पैसे वसूलने (एक्सटॉर्शन) का काम करता था और सिपाही आशीष सिंह इस पूरी साजिश में शामिल था.
सिपाही समेत आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिपाही आशीष सिंह समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई तीन लग्जरी गाड़ियां भी बरामद कर ली गई हैं. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और वर्दीधारी सिपाही आशीष सिंह की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है. झांसी में हुए इस हत्याकांड ने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया है और लोग वर्दी में तैनात सिपाही की भूमिका पर कई तरह के सवाल उठा रहे हैं.
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